पत्नी की मौत के सदमे में टूटे पति ने जहर खाकर दी जान, उज्जैन में दर्दनाक घटना; पहले भी कर चुका था आत्महत्या की कोशिश !

Spread the love

उज्जैन जिले के ग्राम काट बड़ौदा में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां पत्नी की मौत के गहरे सदमे में एक युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। लंबे समय से मानसिक तनाव में चल रहे युवक ने आखिरकार रविवार को अपनी जान दे दी। परिजनों के अनुसार वह बार-बार यही कहता था कि “वह चली गई… अब मैं भी उसके पास जाऊंगा।”

प्रेम विवाह के बाद खुशहाल जीवन, फिर टूटा परिवार

जानकारी के अनुसार, सुभाष भाटी (25) ने करीब पांच साल पहले कोमल से प्रेम विवाह किया था। दोनों एक ही समाज से थे और एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान उनकी मुलाकात हुई थी, जो धीरे-धीरे दोस्ती और फिर शादी में बदल गई।

2020 में दोनों ने परिवार की सहमति से विवाह किया था और 2022 में उनके घर एक बेटी का जन्म हुआ। शुरुआती वर्षों में परिवार सामान्य रूप से चल रहा था, लेकिन अचानक आई एक त्रासदी ने सब कुछ बदल दिया।

सड़क हादसे में पत्नी की मौत से टूटा सुभाष

बेटी के जन्म के कुछ ही महीनों बाद कोमल की एक सड़क हादसे में मौत हो गई। बताया गया कि वह एक रिश्तेदार के साथ बाइक से किसी पारिवारिक कार्यक्रम में जा रही थी, तभी अज्ञात वाहन की टक्कर से उसकी मौत हो गई।

इस हादसे ने सुभाष को पूरी तरह तोड़ दिया। परिवार के अनुसार, पत्नी की मौत के बाद वह गहरे अवसाद में चला गया और सामान्य जीवन से दूर होता गया।

बार-बार आत्महत्या की कोशिश, परिवार लगातार करता रहा बचाव

परिजनों का कहना है कि सुभाष पिछले कुछ वर्षों में कई बार आत्महत्या का प्रयास कर चुका था। उसने एक-दो बार ट्रेन के सामने कूदने की कोशिश भी की, लेकिन हर बार परिवार ने समय रहते उसे बचा लिया।

इसके बाद परिजन उसे अकेला नहीं छोड़ते थे और लगातार उसकी देखभाल करते थे। उसे समझाने के लिए परिवार अक्सर उसकी चार साल की बेटी का हवाला देता था, लेकिन वह मानसिक रूप से पत्नी की यादों से बाहर नहीं निकल पा रहा था।

“मैं भी उसके पास जाऊंगा” – परिजनों का दर्द

रिश्तेदार राजेश भाटी ने बताया कि सुभाष हमेशा पत्नी को याद करता था और बार-बार यही कहता था कि “वह चली गई… अब मैं भी उसके पास जाऊंगा।”

परिजनों ने उसकी दूसरी शादी कराने की भी कोशिश की, लेकिन उसने हर बार साफ इनकार कर दिया। धीरे-धीरे उसकी मानसिक स्थिति और बिगड़ती चली गई।

गांव से बाहर जाकर खाया जहरीला पदार्थ

रविवार दोपहर सुभाष घर से बाहर गया और गांव के बाहर पहुंचकर उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। कुछ देर बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी।

परिजन उसे तुरंत देवास जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए उसे उज्जैन रोड स्थित एक निजी अस्पताल रेफर किया गया। लेकिन इलाज के दौरान रविवार देर रात उसकी मौत हो गई।

चार साल की बेटी हुई अनाथ

इस घटना के बाद सुभाष की चार साल की मासूम बेटी अनाथ हो गई है। परिवार अब बच्ची की परवरिश की जिम्मेदारी निभाने की बात कह रहा है, लेकिन घर में मातम का माहौल है।

परिजन यह स्वीकार कर रहे हैं कि सुभाष अपनी पत्नी की मौत के बाद कभी भी मानसिक रूप से पूरी तरह ठीक नहीं हो पाया।

समाज और परिवार में गहरा सदमा

इस घटना ने पूरे गांव और समाज को झकझोर दिया है। लोग यह चर्चा कर रहे हैं कि किस तरह एक हादसा पूरे परिवार को बर्बादी की ओर ले गया। ग्रामीणों का कहना है कि सुभाष शुरू से ही पत्नी के प्रति गहरे लगाव में था और उसकी मौत को स्वीकार नहीं कर सका।

निष्कर्ष

यह घटना मानसिक स्वास्थ्य, अवसाद और पारिवारिक समर्थन की गंभीर जरूरत को उजागर करती है। पत्नी की अचानक मौत के बाद सुभाष भाटी जीवन से संघर्ष नहीं कर सका और अंततः उसने अपनी जान दे दी। अब उसकी मासूम बेटी के भविष्य को लेकर परिवार और समाज दोनों चिंतित हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *