सागर जिले के बीना क्षेत्र से सटे खुरई के शिवाजी चौक पठार स्थित प्रसिद्ध महामंगला महाकाली मंदिर में हुई दानपेटी चोरी की घटना का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार करते हुए चोरी की गई रकम भी बरामद कर ली है। घटना ने न केवल श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, बल्कि यह भी दिखाया है कि किस तरह कुछ लोग आस्था के स्थानों को भी अपने स्वार्थ के लिए निशाना बना रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, मंदिर में यह चोरी रविवार और सोमवार की दरमियानी रात को हुई थी। आरोपी ने मंदिर के मुख्य द्वार की जाली से अंदर प्रवेश किया और वहां रखी कांच की दानपेटी को तोड़कर उसमें रखे पैसे निकाल लिए। सुबह जब मंदिर के पुजारी और अन्य लोग पहुंचे, तो दानपेटी टूटी हुई मिली और पैसे गायब थे। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया और श्रद्धालुओं में आक्रोश फैल गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए खुरई शहरी थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई। थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह दांगी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसे जल्द से जल्द आरोपी को पकड़ने के निर्देश दिए गए। पुलिस ने तकनीकी और पारंपरिक दोनों तरीकों का इस्तेमाल करते हुए जांच शुरू की।
सबसे पहले घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसके अलावा शहर के अन्य स्थानों पर लगे सरकारी और निजी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली गई। पुलिस ने करीब 150 से अधिक कैमरों की फुटेज का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान एक युवक की गतिविधियां संदिग्ध नजर आईं, जिसके बाद पुलिस का ध्यान उसी पर केंद्रित हो गया।
संदेह के आधार पर पुलिस ने युवक को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ शुरू की। शुरुआत में वह टालमटोल करता रहा, लेकिन जब पुलिस ने सबूतों के साथ सख्ती दिखाई, तो उसने आखिरकार अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी की पहचान सूरज पिता नारायण पटेल (19) निवासी टैगोर वार्ड के रूप में हुई है।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह नवरात्रि के दौरान मंदिर में झालर लगाने के लिए आया था। उसी समय उसकी नजर कांच की दानपेटी पर पड़ी, जिसमें काफी रकम दिखाई दे रही थी। लालच में आकर उसने उसी वक्त चोरी की योजना बना ली। उसने मौका देखकर रात के समय मंदिर में घुसकर दानपेटी तोड़ी और पैसे लेकर फरार हो गया।

चोरी के बाद आरोपी ने पैसे छिपाने के लिए एक चालाक तरीका अपनाया। उसने अपने घर के पास खड़ी एक कंडम कार की सीट के नीचे चोरी की रकम छिपा दी, ताकि किसी को शक न हो। हालांकि पुलिस की सतर्कता और लगातार जांच के चलते उसकी यह चाल ज्यादा समय तक नहीं चल सकी।
आरोपी ने यह भी बताया कि चोरी के अगले दिन सुबह करीब 5 बजे उसने चुराए गए पैसों में से 2500 रुपए निकाले और अपने दो दोस्तों के साथ शराब पी। इस खुलासे के बाद पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर कंडम कार से 38,700 रुपए बरामद कर लिए।
इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि कैसे कुछ लोग धार्मिक स्थलों को भी नहीं छोड़ते और वहां की पवित्रता को ठेस पहुंचाते हैं। मंदिर जैसे स्थान, जहां लोग अपनी श्रद्धा और आस्था के साथ दान करते हैं, वहां इस तरह की चोरी होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है और आगे की कार्रवाई जारी है। साथ ही, इस मामले में यह भी जांच की जा रही है कि क्या आरोपी के साथ कोई और व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। उनका कहना है कि इतनी जल्दी आरोपी को पकड़ना और चोरी की रकम बरामद करना पुलिस की सक्रियता को दर्शाता है। हालांकि उन्होंने यह भी मांग की है कि भविष्य में मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए, ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हो सकें।
विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए और रात के समय सुरक्षा गार्ड की तैनाती भी जरूरी है। इसके अलावा दानपेटियों को अधिक सुरक्षित और मजबूत बनाया जाना चाहिए, ताकि उन्हें आसानी से तोड़ा न जा सके।
यह घटना एक चेतावनी भी है कि अपराधी अब हर उस जगह को निशाना बना रहे हैं, जहां उन्हें आसान मौका नजर आता है। ऐसे में जरूरी है कि समाज और प्रशासन मिलकर सतर्कता बरतें और सुरक्षा उपायों को मजबूत करें।
फिलहाल इस मामले में पुलिस की कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं और अपराधी चाहे जितनी चालाकी कर ले, आखिरकार वह पकड़ में आ ही जाता है।