मौत से पहले बनाया वीडियो, सात लोगों पर जताई हत्या की आशंका !

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छतरपुर जिले के बमीठा थाना क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध मौत का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। जिस घटना को शुरुआती तौर पर आत्महत्या माना जा रहा था, अब उसमें हत्या की आशंका गहरा गई है। मृतक महादेव पटेल का एक वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। वीडियो में महादेव ने अपनी मौत से पहले सात लोगों के नाम लेते हुए उनसे जान का खतरा बताया है। इस खुलासे के बाद परिजनों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार महादेव पटेल 12 सितंबर को घर से बैंक जाने की बात कहकर निकले थे। परिवार को उम्मीद थी कि वह कुछ ही देर में लौट आएंगे, लेकिन देर रात तक जब वह वापस नहीं पहुंचे तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। परिवार और रिश्तेदारों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लगा।

अगले दिन 13 सितंबर को बमीठा पुलिस द्वारा परिवार को सूचना दी गई कि महादेव पटेल का शव गंज नर्सरी क्षेत्र में एक पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका मिला है। सूचना मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और परिजन तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। वहां की परिस्थितियां देखकर परिवार को शुरुआत से ही मामला संदिग्ध लगा।

मृतक के भाई ललिता प्रसाद पटेल ने बताया कि जब उन्होंने घटनास्थल देखा तो उन्हें आत्महत्या की कहानी पर विश्वास नहीं हुआ। परिवार का कहना है कि महादेव मानसिक रूप से कमजोर व्यक्ति नहीं थे और न ही उन्होंने कभी आत्महत्या जैसा कदम उठाने की बात कही थी। इसके उलट, वह पिछले कुछ दिनों से कुछ लोगों की धमकियों से परेशान जरूर थे।

ललिता प्रसाद पटेल के अनुसार 10 सितंबर को कुछ लोग उनके घर पहुंचे थे और पैसों की मांग कर रहे थे। आरोप है कि उन लोगों ने परिवार को धमकी देते हुए कहा था कि “कल तुम्हारे बेटे को जान से मार देंगे।” इस धमकी के बाद परिवार भयभीत हो गया था और महादेव भी तनाव में रहने लगे थे।

परिजनों का कहना है कि धमकी मिलने के बाद महादेव ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। इसी डर और मानसिक दबाव के बीच उन्होंने 12 सितंबर को अपने मोबाइल फोन में एक वीडियो रिकॉर्ड किया। इस वीडियो में उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यदि उनके साथ कोई अनहोनी होती है तो उसके जिम्मेदार कुछ विशेष लोग होंगे।

वीडियो में महादेव पटेल ने सात लोगों के नाम लिए हैं। इनमें जीतू दुबे उर्फ मिर्जापुर निवासी पथरागुवा, जानू राजा निवासी बमारी, गोलू राजा निवासी किशोरगंज, जीवन पाल निवासी मझगुवा, इमरान खान निवासी बमीठा, दीनदयाल पटेल निवासी मझोंटा और चंद्रभान पटेल निवासी मझोंटा शामिल हैं। महादेव ने वीडियो में आरोप लगाया कि ये लोग लगातार उन्हें धमका रहे थे और जान से मारने की बात कह रहे थे।

वीडियो सामने आने के बाद यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों में भी घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। परिजनों का आरोप है कि यदि पुलिस पहले ही धमकियों को गंभीरता से लेती तो शायद महादेव की जान बचाई जा सकती थी।

मामले में परिवार ने एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। परिजनों ने मांग की है कि वीडियो को अहम साक्ष्य मानते हुए आरोपियों के खिलाफ हत्या के लिए उकसाने, धमकी देने और साजिश रचने जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया जाए। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग भी की है।

बमीठा थाना प्रभारी आशुतोष श्रोतिया ने बताया कि जब शव बरामद हुआ था, उस समय घटनास्थल से कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले थे। इसी कारण पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमॉर्टम कराया था। हालांकि अब मृतक का वीडियो सामने आने के बाद जांच को नए सिरे से शुरू किया गया है।

उन्होंने बताया कि पुलिस परिवार के बयान दर्ज कर रही है और तकनीकी साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है। मृतक के मोबाइल फोन की जांच की जा रही है, साथ ही कॉल डिटेल रिकॉर्ड और लोकेशन हिस्ट्री भी निकाली जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले महादेव किन लोगों के संपर्क में थे और उनकी गतिविधियां क्या थीं।

थाना प्रभारी ने कहा कि वीडियो की सत्यता की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

यह मामला केवल एक संदिग्ध मौत तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब यह मानसिक प्रताड़ना, धमकी और संभावित आपराधिक दबाव से जुड़ा गंभीर मामला बन चुका है। किसी व्यक्ति द्वारा मौत से पहले वीडियो रिकॉर्ड कर नाम उजागर करना जांच एजेंसियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जाता है।

सामाजिक स्तर पर भी यह घटना कई सवाल खड़े कर रही है। लोग पूछ रहे हैं कि यदि किसी व्यक्ति को पहले से जान का खतरा था तो उसकी शिकायतों को गंभीरता से क्यों नहीं लिया गया। वहीं परिजनों का कहना है कि उन्हें न्याय मिलने तक वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

फिलहाल पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी हुई है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और वीडियो में नामजद लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है। पूरे मामले ने बमीठा क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और लोग पुलिस की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

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