नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने अपने वनडे भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया है। रोहित ने साफ कर दिया है कि वह 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप में भारत के लिए खेलना चाहते हैं और टीम के साथ ट्रॉफी उठाने का सपना अभी भी जिंदा है।
टी-20 और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके 38 वर्षीय रोहित अब केवल वनडे फॉर्मेट में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे हैं। 2027 में जब वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में आयोजित होगा, तब रोहित 40 साल के होंगे।

“वर्ल्ड कप जीतना चाहता हूं”
एक ICC इवेंट के दौरान रोहित ने कहा,
“मैं निश्चित रूप से वहां जाना चाहता हूं और अपने देश के लिए वर्ल्ड कप जीतना चाहता हूं। मैं 50 ओवर का वर्ल्ड कप देखते हुए बड़ा हुआ हूं। तब न टी-20 वर्ल्ड कप था, न IPL। यह क्रिकेट का शिखर था, जो हर चार साल में होता था।”
रोहित ने कहा कि बचपन से 50 ओवर के वर्ल्ड कप को जीतने का सपना देखा है।
“मुझे वह ट्रॉफी चाहिए। मैं अपनी क्षमता के अनुसार कड़ी मेहनत करूंगा और उसे हासिल करने की पूरी कोशिश करूंगा।”
गौरतलब है कि रोहित ने 2024 में भारत के टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टी-20 इंटरनेशनल से संन्यास ले लिया था। वहीं, मई 2025 में उन्होंने टेस्ट क्रिकेट को भी अलविदा कह दिया।
BCCI सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में बड़ा बदलाव
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने खिलाड़ियों के सालाना सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की नई सूची जारी की है। इस बार A+ कैटेगरी को समाप्त कर दिया गया है, जिसमें पहले खिलाड़ियों को 7 करोड़ रुपए सालाना मिलते थे।

रोहित शर्मा और विराट कोहली को अब ग्रेड-B में रखा गया है। बोर्ड ने कुल 30 पुरुष और 21 महिला खिलाड़ियों को कॉन्ट्रैक्ट दिया है, जिन्हें ए, बी और सी ग्रुप में बांटा गया है। नया कॉन्ट्रैक्ट खिलाड़ियों के प्रदर्शन और खेले गए मैचों की संख्या के आधार पर तय किया गया है।
बुमराह, गिल और जडेजा ग्रेड-A में
नई सूची में वनडे और टी-20 कप्तान शुभमन गिल, तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को ग्रेड-A में बरकरार रखा गया है। हालांकि, इस बार बोर्ड ने विभिन्न ग्रेड के लिए निर्धारित रिटेनरशिप फीस का खुलासा नहीं किया है।
रोहित और विराट के ग्रेड-B में जाने की मुख्य वजह उनका केवल एक फॉर्मेट (वनडे) में सक्रिय रहना माना जा रहा है।
2027 तक फिटनेस सबसे बड़ी चुनौती
रोहित शर्मा के लिए 2027 वर्ल्ड कप तक फिटनेस बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी। 40 वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना आसान नहीं होता, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा फॉर्म और अनुभव के दम पर रोहित टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं।
फिलहाल रोहित का फोकस 2025 में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी और उसके बाद 2027 वर्ल्ड कप की तैयारी पर है। अगर वह अपनी फिटनेस और प्रदर्शन को बनाए रखते हैं, तो एक बार फिर बड़े टूर्नामेंट में भारत की ओपनिंग जिम्मेदारी संभालते नजर आ सकते हैं।