लोन रिकवरी और मिस-सेलिंग पर RBI की सख्ती, डिजिटल फ्रॉड में ₹25 हजार तक मुआवजा !

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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) बैंकिंग और डिजिटल लेनदेन से जुड़े करोड़ों ग्राहकों को बड़ी राहत देने की तैयारी में है। लोन रिकवरी एजेंटों की मनमानी, बैंकों की ओर से की जा रही मिस-सेलिंग और डिजिटल फ्रॉड की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए RBI ने सख्त नियम लाने का फैसला किया है। शुक्रवार को मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक के बाद RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने इसकी जानकारी दी।

गवर्नर ने बताया कि RBI जल्द ही तीन नए ड्राफ्ट रेगुलेशन जारी करेगा, जिनका मकसद ग्राहकों की सुरक्षा को मजबूत करना और बैंकों की जवाबदेही तय करना है। इन नियमों के लागू होने के बाद न तो रिकवरी एजेंट ग्राहकों को डराने-धमकाने में सक्षम होंगे और न ही बैंक ग्राहकों को उनकी जरूरत के बिना कोई इंश्योरेंस या वित्तीय उत्पाद बेच पाएंगे।

लोन रिकवरी एजेंटों पर सख्ती

RBI ने साफ किया है कि लोन रिकवरी की प्रक्रिया में पारदर्शिता और नैतिकता सुनिश्चित की जाएगी। अक्सर शिकायतें मिलती हैं कि रिकवरी एजेंट देर रात फोन करते हैं, रिश्तेदारों को परेशान करते हैं या घर आकर अभद्र व्यवहार करते हैं।
नए नियमों के तहत ऐसी किसी भी हरकत के लिए सीधे बैंक जिम्मेदार होंगे। अगर कोई रिकवरी एजेंट नियमों का उल्लंघन करता है, तो बैंक पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। इससे बैंकों पर दबाव होगा कि वे एजेंटों की गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखें।

मिस-सेलिंग पर लगेगी लगाम

बैंक कर्मचारियों द्वारा जबरदस्ती इंश्योरेंस पॉलिसी या निवेश योजनाएं बेचने की शिकायतें भी लंबे समय से सामने आ रही हैं। कई बार ग्राहक एफडी या लोन के लिए बैंक जाते हैं और उन्हें ऐसे प्रोडक्ट बेच दिए जाते हैं, जो उनकी जरूरत या जोखिम क्षमता के मुताबिक नहीं होते।
RBI अब इसके लिए सख्त गाइडलाइंस लाने जा रहा है। बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि ग्राहकों को वही प्रोडक्ट ऑफर किए जाएं, जो उनकी जरूरत, समझ और जोखिम प्रोफाइल के अनुरूप हों।

डिजिटल फ्रॉड पर ₹25,000 तक मुआवजा

डिजिटल ट्रांजेक्शन करने वालों के लिए भी RBI ने बड़ा प्रस्ताव रखा है। छोटे मूल्य के अनधिकृत डिजिटल लेनदेन (फ्रॉड) की स्थिति में ग्राहकों को ₹25,000 तक का मुआवजा देने का फ्रेमवर्क तैयार किया जा रहा है।
अगर किसी ग्राहक के खाते से धोखे से पैसे निकल जाते हैं और वह समय पर इसकी जानकारी बैंक को देता है, तो बैंक को उस नुकसान की भरपाई करनी होगी।

सीनियर सिटीजन के लिए अतिरिक्त सुरक्षा

ऑनलाइन फ्रॉड का सबसे ज्यादा शिकार बुजुर्ग लोग हो रहे हैं। इसे देखते हुए RBI एक डिस्कशन पेपर लाने की तैयारी में है, जिसमें डिजिटल पेमेंट की सुरक्षा बढ़ाने को लेकर सुझाव मांगे जाएंगे।
इसमें सीनियर सिटीजन और कम जागरूक यूजर्स के लिए अतिरिक्त ऑथेंटिकेशन, ट्रांजेक्शन में देरी (लैग्ड क्रेडिट) जैसे उपाय शामिल हो सकते हैं, ताकि धोखाधड़ी होने पर समय रहते उसे रोका जा सके।

रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं

MPC की बैठक में RBI ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। यह 5.25% पर ही बना रहेगा। इसका मतलब है कि फिलहाल होम लोन, कार लोन जैसी ईएमआई में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। हालांकि, गवर्नर ने दोहराया कि महंगाई पर नियंत्रण RBI की प्राथमिकता बनी रहेगी।

कुल मिलाकर, RBI के ये प्रस्तावित नियम बैंकों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही बढ़ाने के साथ-साथ आम ग्राहकों को बड़ी राहत देने वाले साबित हो सकते हैं।

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