मध्यप्रदेश के शाजापुर में इन दिनों सर्राफा बाजार मंदी की मार झेल रहा है। लगातार बढ़ती सोने की कीमतों और बाजार में बनी अनिश्चितता के चलते ग्राहकों ने खरीदारी से दूरी बना ली है। व्यापारियों का कहना है कि बीते कुछ समय में सोने की बिक्री में 50 से 60 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है, जिससे छोटे कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है।
बाजार में पसरा सन्नाटा
जो सर्राफा बाजार पहले ग्राहकों की भीड़ से गुलजार रहता था, वहां अब दिनभर सन्नाटा दिखाई दे रहा है। दुकानदार ग्राहक आने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन खरीदारी बेहद कम हो रही है। शादी-विवाह के सीजन में भी बाजार की रौनक फीकी पड़ गई है।

व्यापारियों के मुताबिक लोग नया सोना खरीदने के बजाय पुराने गहनों को एक्सचेंज करवा रहे हैं। ग्राहक अपने पुराने आभूषण लेकर आ रहे हैं और उसी के बदले नए डिजाइन के गहने बनवा रहे हैं। इससे बाजार में नए सोने की बिक्री सीधे प्रभावित हो रही है।
बढ़ती कीमतों ने तोड़ी ग्राहकों की कमर
सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि सोने की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम लोगों का बजट बिगाड़ दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी और घरेलू स्तर पर बढ़े टैक्स के कारण सोना लगातार महंगा होता जा रहा है।
केंद्र सरकार द्वारा सोने-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाए जाने का असर भी बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। पहले जहां सोने पर 6 प्रतिशत इंपोर्ट ड्यूटी थी, वहीं अब यह बढ़कर 15 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इससे आभूषणों की कीमतों में भारी इजाफा हुआ है।
पीएम मोदी की अपील का भी असर
व्यापारियों का मानना है कि प्रधानमंत्री Narendra Modi की अपील के बाद भी बाजार में लोगों की सोच बदली है। कुछ लोग सोने को भविष्य का सुरक्षित निवेश मानकर खरीदारी करना चाहते हैं, जबकि कुछ लोग देशहित और आर्थिक हालात को देखते हुए खरीदारी टाल रहे हैं।
इस मिली-जुली मानसिकता का असर सीधे बाजार पर पड़ रहा है। कई ग्राहक केवल भाव पूछकर लौट जा रहे हैं और खरीदारी का फैसला आगे के लिए टाल रहे हैं।
छोटे व्यापारियों पर सबसे ज्यादा असर
शहर में करीब 50 से अधिक सर्राफा व्यापारी कारोबार से जुड़े हैं। इनमें छोटे दुकानदारों की हालत ज्यादा खराब बताई जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि बिक्री कम होने से रोजमर्रा का खर्च निकालना भी मुश्किल हो रहा है।
सर्राफा बाजार एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद नवाब ने बताया कि बाजार में ग्राहकी करीब 50 प्रतिशत तक कम हुई है। उनका कहना है कि बढ़ती कीमतों और इंपोर्ट ड्यूटी के कारण ग्राहकों का रुझान घटा है। इसका सीधा असर छोटे व्यापारियों और कारीगरों पर पड़ रहा है।
चांदी की बिक्री भी प्रभावित
केवल सोना ही नहीं, चांदी के कारोबार पर भी मंदी का असर दिखाई दे रहा है। व्यापारी बताते हैं कि चांदी की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव बना हुआ है, जिससे ग्राहक खरीदारी को लेकर असमंजस में हैं।
त्योहारों और शादियों के सीजन में जहां बड़ी मात्रा में चांदी के बर्तन और गहनों की बिक्री होती थी, वहां इस बार खरीदारी काफी सीमित रह गई है।
भविष्य को लेकर चिंता
व्यापारियों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले महीनों में कारोबार और प्रभावित हो सकता है। कई छोटे दुकानदारों ने स्टॉक कम करना शुरू कर दिया है ताकि नुकसान से बचा जा सके।
सर्राफा कारोबारियों को उम्मीद है कि यदि सोने की कीमतों में स्थिरता आती है और बाजार में भरोसा लौटता है तो ग्राहकी फिर बढ़ सकती है। फिलहाल बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबाव के कारण लोग जरूरी खर्चों को प्राथमिकता दे रहे हैं और सोने की खरीद टाल रहे हैं।