सागर में गणेशोत्सव: भक्ति, परंपरा और सांस्कृतिक उत्सव का संगम

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सागर।

भगवान श्रीगणेश के जन्मोत्सव की तैयारियां सागर शहर में चरम पर हैं। बुधवार से शुरू होने वाले 11 दिवसीय गणेशोत्सव की आभा से पूरा शहर पहले से ही गणेशमय हो चुका है। हर गली, हर चौक और हर मोहल्ले में श्रद्धालु और समितियां सजावट, पंडाल और झांकियों की तैयारियों में जुटी हैं। इस बार विशेष बात यह है कि अधिकांश गणेश प्रतिमाएं भगवान के बाल स्वरूप में स्थापित की जाएंगी। वहीं कई जगहों पर भक्तों को गणेशजी के साथ-साथ शिव परिवार के भी दर्शन होंगे।

शहर में इस बार 300 से अधिक गणेश प्रतिमाओं की स्थापना होने जा रही है। हर पंडाल की अपनी अलग पहचान, भव्यता और आकर्षण है। कहीं पारंपरिक झांकियां होंगी तो कहीं आधुनिक थीम पर आधारित सजावट देखने को मिलेगी।


श्रीराम चौक – दक्षिण भारतीय मंदिर की झलक

सागर के बड़े बाजार क्षेत्र का श्रीराम चौक हर साल अपने अनोखे पंडालों और आकर्षक प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध रहता है। यहां लगातार 80 वर्षों से गणेशोत्सव मनाने की परंपरा चली आ रही है।

इस बार यहां दक्षिण भारतीय मंदिर की तर्ज पर भव्य पंडाल तैयार किया जा रहा है। इसके निर्माण का जिम्मा कोलकाता से आए कारीगरों ने संभाला है। पंडाल की कलात्मकता और वास्तुकला दर्शकों को दक्षिण के प्रसिद्ध मंदिरों की याद दिलाएगी।

यहां स्थापित की जाने वाली गणेश प्रतिमा की ऊंचाई 15 फीट होगी। प्रतिमा का निर्माण शहर के बाइसा मोहल्ला निवासी प्रसिद्ध मूर्तिकार रमेश रैकवार ने किया है। वहीं पंडाल निर्माण का जिम्मा दीपक विश्वकर्मा और उनकी टीम ने उठाया है।

प्रतिमा का श्रृंगार सराफा बाजार के कारीगरों द्वारा किया जाएगा, जिसमें विशेष रूप से रत्न और आभूषणों का प्रयोग होगा। भक्तों की सहभागिता बढ़ाने के लिए यहां लकी ड्रॉ कूपन योजना भी चलाई जाएगी, जिसमें विजेताओं को आकर्षक उपहार दिए जाएंगे।


पीपल वाली गली – संकरी जगह पर विशाल आस्था

सागर के बंडा बाजार स्थित संकरी पीपल वाली गली भी अपने अनूठे आयोजन के लिए चर्चित है। यहां पिछले 40 वर्षों से श्रीसंकट मोचन गणेश उत्सव समिति द्वारा भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की जा रही है।

विशेषता यह है कि गली महज 4 फीट चौड़ी है और इसी संकरी जगह पर 8 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा स्थापित की जाती है। भक्तों की आस्था और समिति की मेहनत इसे खास बनाती है।

गणेशोत्सव के दौरान यहां रोजाना विशेष श्रृंगार किया जाएगा। दूसरे दिन भगवान को 56 भोग अर्पित किए जाएंगे। महिलाओं की मंडलियां भजन-कीर्तन करेंगी। वहीं एकादशी के दिन अखंड रामायण पाठ और महाआरती का आयोजन होगा, जिसमें आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों श्रद्धालु शामिल होंगे।


केशवगंज – लालबाग के राजा की झलक

मुंबई के लालबाग के राजा की तर्ज पर इस बार सागर का केशवगंज वार्ड भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। काले खां रोड पर 6 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

इस प्रतिमा की खासियत इसकी निर्माण विधि है। इसे विशेष काली मिट्टी से बनाया गया है, जिसमें सात नदियों का जल, गौमाता का दूध, गोबर, गौमूत्र, दूर्वा और शमीपत्र का मिश्रण किया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसे मिश्रण से निर्मित प्रतिमा अधिक पवित्र और शक्तिशाली मानी जाती है।

पूरे उत्सव के दौरान यहां प्रतिदिन आरती, पूजा और भजन संध्या का आयोजन होगा। स्थानीय श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की संभावना है।


पूरे शहर में भक्ति और उत्सव का रंग

गणेश चतुर्थी पर इस बार सागर शहर भक्ति और सांस्कृतिक रंग में रंग गया है। आकर्षक पंडालों की सजावट, रंग-बिरंगी लाइटिंग और धार्मिक आयोजनों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया है।

प्रशासन और आयोजकों ने गणेशोत्सव को शांति और श्रद्धा के साथ मनाने की अपील की है। शहर के कई हिस्सों में झांकियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन संध्या और सामाजिक आयोजन भी होंगे।

सागर का गणेशोत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठान भर नहीं है, बल्कि यह संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का अद्भुत उदाहरण है। हर मोहल्ले की अपनी विशेषता, हर पंडाल की अपनी पहचान और हर भक्त का उत्साह मिलकर इस आयोजन को और भी भव्य बना देता है।

इस वर्ष भी सागर का गणेशोत्सव न केवल भक्तों को भगवान गणेश की कृपा का अनुभव कराएगा, बल्कि शहर की पहचान और सामाजिक सद्भावना को भी और गहराई से जोड़ देगा।

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