सागर में गहोई वैश्य समाज का भव्य आयोजन: 2-3 मई को परिचय सम्मेलन और सामूहिक विवाह महायज्ञ !

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सामाजिक एकता, पारिवारिक मूल्यों और परंपराओं को सशक्त बनाने की दिशा में सागर शहर में गहोई वैश्य समाज द्वारा 2 और 3 मई को एक भव्य दो दिवसीय आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन के अंतर्गत परिचय सम्मेलन और सामूहिक विवाह महायज्ञ का आयोजन आदर्श गार्डन एवं राघव गार्डन में किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर समाज के सभी वर्गों में जबरदस्त उत्साह और सक्रियता देखने को मिल रही है।

समाज के अध्यक्ष सुरेन्द्र सुहाने ने जानकारी देते हुए बताया कि 2 मई को आयोजित होने वाला परिचय सम्मेलन युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। इस सम्मेलन में देशभर से आए युवक-युवतियां अपने-अपने बायोडाटा के माध्यम से एक-दूसरे से परिचित होंगे। इसका उद्देश्य योग्य जीवनसाथी की तलाश को सरल बनाना और पारंपरिक तरीके से रिश्तों को जोड़ना है। उन्होंने कहा कि बदलते समय में ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

3 मई को आयोजित सामूहिक विवाह महायज्ञ इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहेगा, जिसमें कई जोड़े एक साथ वैवाहिक बंधन में बंधेंगे। सामूहिक विवाह का यह आयोजन न केवल आर्थिक रूप से सहायक होता है, बल्कि समाज में समानता और सहयोग की भावना को भी मजबूत करता है। इस पहल से उन परिवारों को विशेष राहत मिलती है जो विवाह जैसे बड़े आयोजन का खर्च उठाने में असमर्थ होते हैं।

प्रचार-प्रसार समिति संयोजक शरद गुप्ता ने बताया कि इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय गहोई वैश्य समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामगोपाल छिरोलया सहित विभिन्न शहरों जैसे गाडरवाड़ा, करेली, कटनी, जबलपुर और देवरी से समाज के प्रतिष्ठित लोग शामिल होंगे। इससे यह आयोजन न केवल स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाएगा।

मंत्री डॉ. संजीव कठल ने बताया कि परिचय सम्मेलन के लिए अब तक लगभग 150 बायोडाटा प्राप्त हो चुके हैं, जो इस आयोजन की लोकप्रियता और समाज की भागीदारी को दर्शाता है। कार्यक्रम की शुरुआत 2 मई को सुबह 11 बजे होगी और दिनभर परिचय सत्र के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। इन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से समाज की परंपराओं और प्रतिभाओं को मंच मिलेगा, साथ ही प्रतिभागियों को आपसी संवाद का अवसर भी प्राप्त होगा।

विवाह समिति संयोजक मनोज डेंगरे ने जानकारी दी कि सामूहिक विवाह के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। विवाह समारोह को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य रूप में संपन्न कराया जाएगा। समाज की ओर से नवविवाहित जोड़ों को घरेलू उपयोग की वस्तुएं और उपहार प्रदान किए जाएंगे, जिससे वे अपने नए जीवन की शुरुआत सुगमता से कर सकें। इस पहल के पीछे समाज का उद्देश्य नवदंपत्तियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है।

इस आयोजन को सफल बनाने के लिए समाज के अनेक पदाधिकारी और सदस्य लगातार मेहनत कर रहे हैं। संरक्षक नर्मदा प्रसाद ददरया, ओमप्रकाश रूसिया, संचालक मंडल के सदस्य डॉ. राजेन्द्र चौदा, वीरेन्द्र सुहाने, सचिन सिपोलिया, निकेश गुप्ता, राजेन्द्र कुरेले, मोहनलाल रूसिया, सुधीर झुड़ेले, आनंद ददरया, रमेश इटोरिया, महेश इटोरिया, प्रद्युम्न छिरोलिया, आशीष ददरया, अटल सरावगी, अनिल चौदहा, मुकेश डेंगरे, आनंद कठल, उपेन्द्र सेठ, विकास गुप्ता, सत्यनारायण डेंगरे, उमाशंकर खरया, प्रदीप गुप्ता, संतोष सुहाने, अवधेश बिलैया सहित अन्य सदस्य आयोजन की व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

महिला मंडल अध्यक्ष श्रीमती रश्मि खरया और नवयुवक मंडल अध्यक्ष सृजन चंदन सुहाने ने भी समाज के सभी लोगों से इस आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। उनका कहना है कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज को एकजुट करने और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का माध्यम बनते हैं।

कुल मिलाकर, यह आयोजन केवल एक सामाजिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि परंपरा, सहयोग और संस्कारों का संगम है। इससे समाज के भीतर एकता और भाईचारे की भावना को और मजबूती मिलेगी, साथ ही युवाओं को अपने जीवनसाथी के चयन के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद मंच भी प्राप्त होगा।

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