सागर जिले में भारत स्काउट एवं गाइड के तत्वावधान में आयोजित जिला स्तरीय स्काउट-गाइड, कब-बुलबुल द्वितीय सोपान जांच शिविर का सफल समापन हो गया। 22 अप्रैल से 26 अप्रैल 2026 तक चले इस पांच दिवसीय शिविर में जिले के विभिन्न विकासखंडों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्काउट-गाइड के विभिन्न प्रशिक्षणों और परीक्षाओं के माध्यम से अपने कौशल का प्रदर्शन किया। यह शिविर न केवल विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक विकास का माध्यम बना, बल्कि उनमें अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सेवा भावना को भी मजबूत करने का अवसर प्रदान किया।
यह आयोजन भारत स्काउट एवं गाइड के वार्षिक कार्यक्रम के अंतर्गत किया गया, जिसमें संभागीय मुख्यालय सागर और राज्य मुख्यालय भोपाल के दिशा-निर्देशन में जिले के अलग-अलग स्थानों पर शिविर लगाए गए। सागर शहर के सांदीपनी विद्यालय एमएलबी उमावि सहित बहेरिया, गदगद, रहली, राहतगढ़ और खुरई जैसे स्थानों पर इन शिविरों का आयोजन किया गया, जिससे जिले के अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं इसमें भाग ले सकें।

इस पूरे आयोजन का संचालन जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद जैन, जिला संघ सागर के डीओसी चंद्रभान सिंह लोधी और जिला सचिव लीलाधर अहिरवार के मार्गदर्शन में किया गया। उनके नेतृत्व में शिविर की सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की गईं और यह सुनिश्चित किया गया कि हर प्रतिभागी को सीखने और आगे बढ़ने का समान अवसर मिले।
शिविर के दौरान विद्यार्थियों को स्काउट-गाइड के पाठ्यक्रम के अनुसार विभिन्न गतिविधियों में प्रशिक्षित किया गया। प्रतिदिन सुबह की शुरुआत व्यायाम और योग से होती थी, जिससे बच्चों में शारीरिक स्फूर्ति बनी रहे। इसके बाद ध्वज शिष्टाचार, नियम और प्रतिज्ञा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया, जिससे उनमें अनुशासन और राष्ट्रीय भावना का विकास हो सके।
इसके अलावा विद्यार्थियों को मैपिंग, दिशा ज्ञान, कम्पास का उपयोग, खोज के चिन्ह, स्ट्रेचर बनाना और प्राथमिक उपचार जैसी जीवन उपयोगी कौशलों की जानकारी दी गई। ये ऐसे कौशल हैं, जो आपातकालीन परिस्थितियों में बेहद काम आते हैं और बच्चों को आत्मनिर्भर बनाते हैं।
शिविर का एक प्रमुख आकर्षण पिचिंग और तंबू लगाने की गतिविधि रही, जिसमें बच्चों ने खुद अपने हाथों से तंबू लगाना सीखा। इससे उनमें टीमवर्क और सहयोग की भावना विकसित हुई। बिना बर्तन के भोजन बनाना भी एक रोचक गतिविधि रही, जिसमें बच्चों ने सीमित संसाधनों में भोजन तैयार करना सीखा। यह कौशल उन्हें विपरीत परिस्थितियों में भी आत्मनिर्भर रहने का आत्मविश्वास देता है।
हर दिन शाम को कैंप फायर का आयोजन किया जाता था, जिसमें विभिन्न थीम के आधार पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाती थीं। बच्चों ने गीत, नृत्य, नाटक और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इससे न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ा, बल्कि आपसी सौहार्द और भाईचारे की भावना भी मजबूत हुई।
शिविर के दौरान नियमित रूप से कुकिंग, दक्षता और विभिन्न बैज से संबंधित गतिविधियों की जांच की गई। यह जांच प्रक्रिया द्वितीय सोपान के अंतर्गत आने वाले मानकों के अनुसार की गई, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रतिभागी निर्धारित स्तर की दक्षता प्राप्त कर चुके हैं।
इस आयोजन में कई अनुभवी प्रशिक्षकों और अधिकारियों का सहयोग मिला। शिविर का संचालन श्रीमती कृष्णा साहू, रश्मि दुबे, कुलदीप अहिरवार, दुर्गा गोवा और राष्ट्रपति रोवर भगवान सिंह सहित अन्य सहयोगी स्टाफ ने किया। इनके मार्गदर्शन में बच्चों को हर गतिविधि की बारीकियों को समझने और उसे व्यवहार में लाने का अवसर मिला।
सहयोगी स्टाफ में मंजुलता सोनी, सुरेश चंद जैन, चमेली जैन, शिवाली साहू और शाहबाज हसन जैसे नाम शामिल रहे, जिन्होंने शिविर की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनके प्रयासों से यह सुनिश्चित हुआ कि बच्चों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और वे पूरी एकाग्रता के साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें।
शिविर के आयोजन में विभिन्न विद्यालयों की प्रबंधन समितियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने बच्चों के लिए आवास, भोजन, स्वच्छता और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की। विशेष रूप से सांदीपनी एमएलबी विद्यालय सागर में प्राचार्य श्री विनय कुमार दुबे, उप प्राचार्य श्रीमती वंदना, हेड मास्टर श्री पीके पांडे और निर्मला उदेनिया ने स्काउट-गाइड गतिविधियों को प्रोत्साहित किया और बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
शिविर के अंतिम दिन सर्व धर्म प्रार्थना और ओपन सेशन का आयोजन किया गया, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस अवसर पर बच्चों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि इस शिविर ने उनके जीवन में किस प्रकार सकारात्मक बदलाव लाया है। कई बच्चों ने कहा कि उन्होंने यहां जो सीखा है, वह उनके जीवनभर काम आएगा।

कार्यक्रम के समापन पर अधिकारियों और अतिथियों ने सभी प्रतिभागियों और आयोजकों को शुभकामनाएं दीं। संयुक्त संचालक लोक शिक्षण सागर श्री एस पी विशेन, जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन और सहायक राज्य आयुक्त कंचन सिंह ने इस सफल आयोजन के लिए सभी को बधाई दी और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस प्रकार, सागर जिले में आयोजित यह द्वितीय सोपान जांच शिविर न केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम था, बल्कि यह बच्चों के सर्वांगीण विकास का एक सशक्त माध्यम भी बना। इसने विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर, अनुशासित और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित किया। ऐसे आयोजन समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि यही बच्चे भविष्य में देश की दिशा तय करेंगे।
अंततः यह कहा जा सकता है कि भारत स्काउट-गाइड द्वारा आयोजित यह शिविर अपने उद्देश्य में पूरी तरह सफल रहा और इसने बच्चों के मन में सेवा, सहयोग और राष्ट्रभक्ति की भावना को और अधिक प्रगाढ़ किया।