सागर जिले में जनसुरक्षा को लेकर प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर Pratibha Pal के निर्देश पर शहर में स्थित विस्फोटक सामग्री के भंडारण और विक्रय स्थलों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न गोदामों और दुकानों में पहुंचकर सुरक्षा मानकों, अग्निशमन व्यवस्थाओं, लाइसेंस दस्तावेजों और स्टॉक रजिस्टर की बारीकी से जांच की। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विस्फोटक सामग्री के भंडारण और विक्रय में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा और नियमों के उल्लंघन पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
संयुक्त निरीक्षण दल में सिटी मजिस्ट्रेट Gagan Bisen, सीएसपी Lalit Kashyap तथा पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे। अधिकारियों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित विस्फोटक भंडारण केंद्रों, दुकानों और गोदामों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान टीम ने सबसे पहले गोदामों की भंडारण क्षमता की जांच की। यह देखा गया कि निर्धारित सीमा के अनुरूप ही विस्फोटक सामग्री का भंडारण किया जा रहा है या नहीं। अधिकारियों ने स्टॉक रजिस्टर का मिलान करते हुए यह सुनिश्चित किया कि रिकॉर्ड में दर्ज सामग्री और वास्तविक स्टॉक में कोई अंतर न हो। साथ ही गोदामों में आने-जाने वाली सामग्री की प्रविष्टियों को नियमित रूप से अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए।
प्रशासनिक अधिकारियों ने अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं को विशेष प्राथमिकता दी। निरीक्षण के दौरान गोदामों और दुकानों में रखे अग्निशमन उपकरणों की स्थिति जांची गई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि सभी अग्निशमन यंत्र पूरी तरह कार्यशील स्थिति में रहें तथा समय-समय पर उनका परीक्षण भी कराया जाए। उन्होंने कहा कि विस्फोटक सामग्री से जुड़े प्रतिष्ठानों में आग लगने जैसी घटनाएं अत्यंत गंभीर हो सकती हैं, इसलिए सुरक्षा उपकरणों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
सिटी मजिस्ट्रेट गगन बिसेन ने संचालकों को निर्देशित किया कि गोदाम परिसरों में सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि परिसर में अनाधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहे और सुरक्षा गार्ड की तैनाती अनिवार्य रूप से की जाए। इसके साथ ही सभी प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरे सक्रिय अवस्था में रखने और उनकी नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि सीसीटीवी निगरानी किसी भी आपात स्थिति या संदिग्ध गतिविधि की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों ने संचालकों को विस्फोटक अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए उनका सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी। सीएसपी ललित कश्यप ने कहा कि विस्फोटक सामग्री का कारोबार अत्यंत संवेदनशील श्रेणी में आता है और इसमें सुरक्षा मानकों की अनदेखी से बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि सभी संचालकों को लाइसेंस की शर्तों का पालन करना होगा तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि विस्फोटक सामग्री के भंडारण स्थलों पर साफ-सफाई और व्यवस्थित रखरखाव अत्यंत आवश्यक है। गोदामों में विद्युत वायरिंग, अग्निरोधक व्यवस्था और आपातकालीन निकास मार्गों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि सभी सुरक्षा उपाय निर्धारित मानकों के अनुरूप होने चाहिए ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।
गौरतलब है कि हाल के वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों में पटाखा फैक्ट्रियों और विस्फोटक गोदामों में हुए हादसों के बाद प्रशासनिक स्तर पर सतर्कता बढ़ाई गई है। ऐसे मामलों में छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सागर प्रशासन द्वारा यह विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। अधिकारियों का कहना है कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की जोखिमपूर्ण गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान कई संचालकों को सुरक्षा व्यवस्थाओं में सुधार के सुझाव भी दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि विस्फोटक सामग्री से जुड़े प्रतिष्ठानों को नियमित रूप से सुरक्षा ऑडिट कराना चाहिए और कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन एवं अग्निशमन संबंधी प्रशिक्षण भी दिया जाना चाहिए। इससे किसी आपात स्थिति में नुकसान को कम किया जा सकता है।
प्रशासन की इस कार्रवाई को शहर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन के इस प्रयास की सराहना की है। लोगों का कहना है कि विस्फोटक सामग्री के भंडारण और बिक्री से जुड़े प्रतिष्ठानों की नियमित निगरानी जरूरी है ताकि शहर में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश पर चलाया गया यह निरीक्षण अभियान आने वाले समय में भी जारी रहेगा। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी समय-समय पर औचक निरीक्षण किए जाएंगे और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कर ही शहरवासियों की सुरक्षा और शांति बनाए रखी जा सकती है।