4 मई को सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी ने जोरदार तेजी दिखाई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत 1,906 रुपए गिरकर ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। इससे पहले सोना ₹1.50 लाख के स्तर पर था।
वहीं चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया है। एक किलो चांदी 3,906 रुपए महंगी होकर ₹2.44 लाख प्रति किलो पहुंच गई है, जो हाल के दिनों में एक बड़ी तेजी मानी जा रही है।
अगर पूरे साल 2026 की बात करें, तो सोना अब तक करीब ₹15,000 महंगा हो चुका है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोना ₹1.33 लाख था, जो अब बढ़कर ₹1.48 लाख हो गया है। इसी तरह चांदी भी इस साल ₹14,000 तक महंगी हो चुकी है, जो ₹2.30 लाख प्रति किलो से बढ़कर ₹2.44 लाख तक पहुंच गई है।

विशेषज्ञों के अनुसार, सोने में आई यह गिरावट अल्पकालिक हो सकती है, जबकि लंबी अवधि में इसकी कीमतों पर वैश्विक आर्थिक हालात, डॉलर की मजबूती और महंगाई जैसे कारकों का असर पड़ता रहेगा। वहीं चांदी में तेजी इंडस्ट्रियल डिमांड और निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी के कारण देखी जा रही है।
सोना खरीदते समय ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। हमेशा भारतीय मानक ब्यूरो का हॉलमार्क लगा सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें, जिससे उसकी शुद्धता सुनिश्चित हो सके। साथ ही खरीदारी से पहले सोने की कीमत को अलग-अलग स्रोतों से जरूर जांच लें, क्योंकि 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के सोने की कीमत अलग-अलग होती है।
चांदी की असलियत पहचानने के भी कुछ आसान तरीके हैं। असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती, उस पर बर्फ रखने पर वह तेजी से पिघलती है, उसमें किसी तरह की गंध नहीं होती और कपड़े से रगड़ने पर काला निशान छोड़ती है। ये सभी संकेत उसकी शुद्धता को पहचानने में मदद करते हैं।
कुल मिलाकर, जहां एक तरफ सोने की कीमतों में हल्की राहत देखने को मिली है, वहीं चांदी ने निवेशकों को चौंकाते हुए तेज उछाल दर्ज किया है। आने वाले समय में वैश्विक बाजार और आर्थिक संकेत तय करेंगे कि इन दोनों की कीमतों में आगे कैसी चाल देखने को मिलेगी।