8 साल बाद फिर रफ्तार में जरूआखेड़ा ओवरब्रिज: 2027 तक जाम से राहत की उम्मीद !

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सागर। लंबे समय से अधूरे पड़े जरूआखेड़ा-खुरई मार्ग पर ठाकुर बाबा मंदिर के पास रेलवे गेट नंबर-11 पर बन रहे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य एक बार फिर शुरू हो गया है। करीब 50 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह बहुप्रतीक्षित ब्रिज पिछले दो वर्षों से पूरी तरह ठप पड़ा था, जिससे क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अब नए ठेकेदार के साथ कार्य शुरू होने से लोगों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही इस समस्या से निजात मिलेगी।

यह ओवरब्रिज परियोजना वर्ष 2018 में शुरू की गई थी, जब बिलासपुर की ब्रजेश अग्रवाल कंपनी को निर्माण का जिम्मा दिया गया था। शुरुआती चरण में काम तेजी से चला, लेकिन वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के कारण निर्माण कार्य करीब दो साल तक पूरी तरह बंद रहा। इसके बाद कुछ समय तक काम दोबारा शुरू हुआ, लेकिन कंपनी की कार्यप्रणाली और अन्य कारणों के चलते प्रोजेक्ट में फिर से रुकावट आ गई।

स्थिति तब और बिगड़ गई जब निर्माण कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया, जिसके बाद पिछले दो वर्षों से यह परियोजना पूरी तरह ठप पड़ी रही। इस दौरान रेलवे गेट नंबर-11 पर ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ता गया और आए दिन जाम की स्थिति बनती रही। स्थानीय नागरिकों, वाहन चालकों और व्यापारियों को रोजाना घंटों जाम में फंसना पड़ता था, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही थी।

अब फरवरी 2026 से सतना की कंपनी नित्यांत इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड को नए टेंडर के तहत इस परियोजना का कार्य सौंपा गया है। कंपनी ने साइट पर दोबारा काम शुरू कर दिया है और निर्माण गतिविधियों में तेजी देखने को मिल रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस बार परियोजना को तय समयसीमा में पूरा करने के लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है।

गौरतलब है कि इस ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू हुए लगभग आठ साल हो चुके हैं, जबकि प्रारंभिक योजना के अनुसार इसे वर्ष 2024 तक पूरा हो जाना था। हालांकि अब संशोधित लक्ष्य के अनुसार वर्ष 2027 तक इस पुल के पूर्ण होने की उम्मीद जताई जा रही है।

इस ओवरब्रिज के बन जाने से जरूआखेड़ा और खुरई के बीच यातायात काफी सुगम हो जाएगा। वर्तमान में रेलवे गेट बंद होने पर लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे एंबुलेंस, स्कूल बसों और अन्य जरूरी सेवाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पुल के निर्माण के बाद इन समस्याओं से काफी हद तक राहत मिलेगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पुल क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसके बनने से न केवल जाम की समस्या समाप्त होगी, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। लंबे समय से रुके इस कार्य के फिर शुरू होने से लोगों में सकारात्मक माहौल है, लेकिन वे चाहते हैं कि इस बार निर्माण कार्य बिना किसी बाधा के समय पर पूरा किया जाए।

प्रशासन और संबंधित विभाग भी इस परियोजना को प्राथमिकता में रखते हुए इसकी नियमित मॉनिटरिंग कर रहे हैं, ताकि किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही न हो। अधिकारियों का कहना है कि गुणवत्ता के साथ-साथ समयसीमा का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा।

इस प्रकार, वर्षों से अधूरी पड़ी इस महत्वपूर्ण परियोजना के फिर से शुरू होने से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है और आने वाले समय में यह ओवरब्रिज लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।

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