सागर, 03 अक्टूबर 2025।
जीवन की भागदौड़ और कार्यभार के बीच शासकीय सेवकों के लिए सकारात्मक सोच और तनावमुक्त जीवन की दिशा में “अल्पविराम” एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। इसी क्रम में मालथौन विकासखंड में राज्य आनंद संस्थान आनंद विभाग एवं मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय अल्पविराम परिचय कार्यशाला का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम की रूपरेखा और प्रमुख अतिथि
- कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. के निर्देशन में हुआ।
- मुख्य अतिथि के रूप में श्री बलवीर सिंह राजपूत (जनपद उपाध्यक्ष) और श्री सुरेन्द्र सिंह बघेल (विधायक प्रतिनिधि) उपस्थित रहे।
- कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सचिन गुप्ता ने की।
- स्वागत भाषण रामकेश तेकाम (जिला समन्वयक, आनंद विभाग) और धरम नाडिवाल (विकासखंड समन्वयक, जन अभियान परिषद) ने दिया।

अल्पविराम : तनाव से मुक्ति का माध्यम
मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गुप्ता ने कहा कि –
- “अल्पविराम केवल ठहराव नहीं है, बल्कि यह स्वयं से जुड़ने का एक अवसर है।”
- सरकार का उद्देश्य है कि अधिकारी-कर्मचारी अपने जीवन में तनाव प्रबंधन करें और कार्यक्षेत्र के दबाव के बीच भी आनंद और सकारात्मकता बनाए रखें।
- यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मानवीय मूल्यों को विकसित करने और जीवन जीने की कला सीखने में सहायक है।
उन्होंने कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे इस पहल को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और नियमित रूप से छोटे-छोटे “अल्पविराम” लेकर मानसिक शांति और आत्मबल को मजबूत करें।

प्रशिक्षण सत्र और अनुभव
कार्यशाला में अलग-अलग मास्टर ट्रेनर्स ने प्रतिभागियों को जीवन को आनंदमय बनाने की दिशा में मार्गदर्शन दिया –
- श्री अनिल राय ने “आनंद की ओर” विषय पर चर्चा की और बताया कि सकारात्मक सोच और कृतज्ञता की भावना से जीवन में बड़ा परिवर्तन संभव है।
- श्री रामकेश तेकाम ने प्रतिभागियों से कहा कि जीवन को आनंदमय बनाने की जिम्मेदारी सबसे पहले स्वयं की भूमिका को समझने से शुरू होती है। उन्होंने जीवन का लेखा-जोखा तैयार करने का अभ्यास करवाया, जिससे प्रतिभागी अपनी गलतियों, उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं को समझ सकें।
- श्री जीवन रजक ने “संपर्क सुधार और सुदिशा” पर आधारित सत्र लिया और प्रतिभागियों को अपने भीतर झांकने तथा आत्मसंवाद करने की प्रेरणा दी।
संपूर्ण कार्यशाला के दौरान आनंद श्री विजय सिंह गौड़ भी सक्रिय रूप से उपस्थित रहे और विभिन्न गतिविधियों में प्रतिभाग किया।
प्रतिभागियों की प्रतिक्रियाएं
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए। कई कर्मचारियों ने कहा कि –
- “यह प्रशिक्षण हमारे जीवन में एक नया दृष्टिकोण लेकर आया है।”
- “हम रोजमर्रा के कामकाज में तनाव के आदी हो गए थे, लेकिन आज सीखा कि कैसे कुछ पल का अल्पविराम हमें भीतर से शांति और शक्ति दे सकता है।”

समापन और प्रमाण-पत्र वितरण
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर यह संदेश दिया गया कि जीवन की व्यस्तताओं के बीच यदि हम अपने लिए “अल्पविराम” निकालें, तो तनाव कम कर सकते हैं और जीवन को वास्तव में आनंदमय और सार्थक बना सकते हैं।