छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड : 9 मासूमों की मौत के बाद ‘Coldrif’ और ‘Nextro-DS’ पर बैन !

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भोपाल/छिंदवाड़ा।
तमिलनाडु के बाद मध्यप्रदेश में भी कोल्ड्रिफ (Coldrif) और नेक्स्ट्रो-डीएस (Nextro-DS) कफ सिरप की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। यह फैसला छिंदवाड़ा जिले में 9 बच्चों की किडनी फेल होने से हुई मौतों के बाद लिया गया। जांच में पाया गया कि बच्चों को इन दोनों सिरप का सेवन कराया गया था।


कैसे खुला मामला

सितंबर माह में छिंदवाड़ा जिले में लगातार 9 बच्चों की मौत किडनी फेल होने से हुई। सभी में शुरू में सर्दी-जुकाम और बुखार जैसे लक्षण थे। स्थानीय डॉक्टरों ने बच्चों को Coldrif और Nextro-DS सिरप लिखी। दवा लेने के कुछ दिनों बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ी और सभी में किडनी फेल्योर के लक्षण मिले।

5 अन्य बच्चों को गंभीर स्थिति में नागपुर रेफर किया गया है।


CM मोहन यादव का बयान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा —

“छिंदवाड़ा में Coldrif सिरप के कारण हुई बच्चों की मृत्यु अत्यंत दुखद है। इस सिरप की बिक्री पूरे मध्यप्रदेश में बैन की जा रही है। इसके अलावा सिरप बनाने वाली कंपनी के अन्य उत्पादों की बिक्री भी प्रतिबंधित की जा रही है। आज सुबह जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई है और उसी के आधार पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।”


सिरप में पाया गया जहरीला केमिकल

टाइम्स ऑफ इंडिया और इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, लैब टेस्ट में Coldrif कफ सिरप में डायथिलीन ग्लाइकोल (Diethylene Glycol – DEG) नामक जहरीला केमिकल पाया गया है।
यह रसायन औद्योगिक उपयोग का है और शरीर में जाने पर किडनी फेल कर सकता है।

भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी पुष्टि की है कि सिरप में DEG की मात्रा अनुमेय सीमा से अधिक पाई गई है।


सिरप की सप्लाई का ट्रैक

  • डीलर: महाकौशल क्षेत्र के डीलर कटारिया फार्मास्यूटिकल्स, जबलपुर ने सितंबर में यह सिरप मंगवाया था।
  • कंपनी: चेन्नई (कांचीपुरम) स्थित Sresan Pharma / Shri Sun Pharma ने 660 बोतलें भेजीं।
  • सप्लाई: इनमें से 594 बोतलें छिंदवाड़ा की तीन मेडिकल दुकानों — आयुष फार्मा, न्यू अपना फार्मा और जैन मेडिकल एवं जनरल स्टोर — को भेजी गईं।
  • बाकी 66 बोतलें डीलर ने अपने ऑफिस में रखीं थीं।

जबलपुर ड्रग इंस्पेक्टर शरद कुमार जैन ने इन दुकानों और गोदाम से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं।


जांच टीमें और SIT का गठन

मामले की गंभीरता देखते हुए तीन स्तरों पर जांच शुरू की गई है —

  1. CDSCO (Delhi) – सिरप की मैन्युफैक्चरिंग क्वालिटी और केमिकल सैंपल की जांच।
  2. स्टेट ड्रग कंट्रोलर (भोपाल) – राज्यभर में बिक्री और डिस्ट्रीब्यूशन की जांच।
  3. जिला स्तर पर मेडिकल टीम (छिंदवाड़ा) – कितने बच्चों ने सिरप का उपयोग किया, इसका डेटा जुटाया जा रहा है।

साथ ही राज्य सरकार ने SIT (Special Investigation Team) गठित कर राज्य स्तर पर जांच के आदेश दिए हैं।


DGHS की पुरानी चेतावनी की अनदेखी

साल 2023 में Director General of Health Services (DGHS) ने सभी राज्यों को पत्र भेजकर चेतावनी दी थी कि डेक्स्ट्रोमेथॉर्फन (Dextromethorphan) फॉर्मूले वाले कफ सिरप 4 साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं दिए जाएं
फिर भी छिंदवाड़ा के डॉक्टरों ने वही दवा लिखी। मृत बच्चों में से 7 की उम्र 4 साल से कम थी और बाकी 2 बच्चे 5 साल के थे।


तमिलनाडु में भी बैन

छिंदवाड़ा कांड के बाद तमिलनाडु सरकार ने भी कांचीपुरम की कंपनी पर कार्रवाई करते हुए कोल्ड्रिफ सिरप के उत्पादन और बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध लगाया है।
DDCA (ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन) ने फैक्ट्री से सभी स्टॉक जब्त कर लिए हैं।


जनता के लिए चेतावनी

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी कफ सिरप का उपयोग न करें, खासकर छोटे बच्चों में Coldrif और Nextro-DS का प्रयोग बिल्कुल न करें
केंद्र सरकार ने भी राज्यों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने इलाकों में सिरप के नमूने जांच के लिए भेजें और संदिग्ध दवाओं की बिक्री पर रोक लगाएं।

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