सागर में भावांतर योजना के तहत सोयाबीन खरीदी शुरू — कलेक्टर संदीप जी आर ने किया शुभारंभ !

Spread the love

सागर, 25 अक्टूबर 2025।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार प्रदेशभर में किसानों के हित में शुरू की गई भावांतर भुगतान योजना के तहत आज से मंडियों में सोयाबीन खरीदी कार्य प्रारंभ हो गया। सागर जिले में इस योजना का शुभारंभ कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने सागर कृषि उपज मंडी पहुंचकर किया। इस अवसर पर उन्होंने किसानों से संवाद किया और खरीदी प्रक्रिया को सुचारू एवं पारदर्शी तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने मंडी में मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की सुविधा के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं जैसे पेयजल, छाया, बैठने की व्यवस्था, प्रसारण हेतु माइक सिस्टम और दिशा-निर्देश वाले साइनबोर्ड अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि किसानों को खरीदी केंद्रों पर किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं पूर्व से दुरुस्त कर ली जाएं।

उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपनी सोयाबीन और मक्का की उपज को अच्छी तरह सुखाकर ही मंडी में लाएं, ताकि नमी के कारण खरीदी में किसी प्रकार की अड़चन न आए। उन्होंने कहा कि खरीदी कार्य के दौरान किसानों को शांति बनाए रखनी चाहिए और प्रशासन सभी की उपज का उपार्जन सुनिश्चित करेगा।

निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लोकेश सिन्हा, एसडीएम श्री अमन मिश्रा, तहसीलदार श्री संदीप तिवारी, मंडी सचिव श्री राघवेंद्र सिंह, श्री राहुल कुमार गोंड सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडियों में अतिरिक्त काउंटर लगाए जाएं ताकि किसानों की उपज समय पर खरीदी जा सके और उन्हें लंबा इंतजार न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि किसानों की सुरक्षा और सुविधा के लिए मंडी परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए तथा आवश्यकतानुसार बैरिकेडिंग की व्यवस्था भी की जाए। साथ ही, खरीदी के दौरान किसानों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो, इसके लिए दिन के भोजन अवकाश को दो घंटे से घटाकर एक घंटे करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि खरीदी कार्य सुबह के समय से ही आरंभ कर दिया जाए ताकि किसानों को दिनभर प्रतीक्षा न करनी पड़े।

कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने किसानों से चर्चा करते हुए प्राकृतिक खेती और ऑर्गेनिक खेती को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि रासायनिक खादों और उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता घटती है और स्वास्थ्य पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है। उन्होंने किसानों को बताया कि प्राकृतिक खेती से न केवल उत्पादन लागत घटती है, बल्कि उत्पाद की गुणवत्ता बेहतर होने से बाजार में बेहतर मूल्य भी प्राप्त होता है।

उन्होंने कहा कि शासन प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई प्रोत्साहन योजनाएं चला रहा है, जिनका लाभ किसान आसानी से ले सकते हैं। कलेक्टर ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए हमें कृषि के पारंपरिक और प्राकृतिक स्वरूप की ओर लौटना होगा।

कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने अंत में सभी किसानों से संयम और सहयोग बनाए रखने की अपील की और भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन किसानों के साथ है तथा हर किसान की फसल का उपार्जन समय पर और पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।

ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
7806077338, 9109619237

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *