सागर कलेक्टर संदीप जी. आर. ने जिले में फसल अवशेष (पराली) जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा सागर जिले को न्यूनतम 600 ग्राम पराली मुक्त बनाने का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए आधुनिक कृषि यंत्रों जैसे रीपर-बाइंडर, स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम, थ्रेशर, मल्चर और बेलर के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।

कलेक्टर ने किसानों को पराली जलाने से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान और मिट्टी की उर्वरा शक्ति पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। हर विकासखंड में मास्टर ट्रेनर्स और कृषि सखियों को प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वे ग्राम स्तर पर किसानों को पराली प्रबंधन तकनीक सिखा सकें।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में जहां पराली जलाने की घटनाएं अधिक हुई हैं, उन ग्रामों को “फसल अवशेष जलाने से मुक्त ग्राम” बनाया जाएगा। किसानों को आधुनिक मशीनों से खेतों में प्रदर्शन दिखाकर प्रेरित किया जाएगा।
कलेक्टर ने चेतावनी दी कि जो किसान समझाइश के बाद भी पराली जलाते हैं, उन्हें मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की ₹6,000 वार्षिक सहायता से अपात्र घोषित किया जाएगा। ऐसे ग्रामों में पुनः घटना होने पर संबंधित किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल की खरीद भी बंद की जाएगी। राजस्व विभाग को सख्त निगरानी और कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।