गढ़ाकोटा (सागर), शनिवार। सागर जिले के गढ़ाकोटा नगर में शुक्रवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब टॉकीज चौराहे के पास स्थित एक दो मंजिला मकान की दूसरी मंजिल पर अचानक आग लग गई। आग लगते ही वहां रखे पटाखे फूटने लगे और धमाकों जैसी आवाजों से पूरा इलाका दहल उठा। आसमान में उठती लपटें और धुएं के गुबार से आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। लोगों ने तत्काल पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी, जिसके बाद टीमों ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
सौभाग्य से इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन मकान को आंशिक नुकसान पहुंचा है। फिलहाल पुलिस ने मकान को सील कर जांच शुरू कर दी है।
रहवासी इलाके में हुआ हादसा
घटना गढ़ाकोटा के टॉकीज चौराहे के पास घनी आबादी वाले इलाके में हुई। यह मकान स्थानीय व्यापारी दीपक गुप्ता का बताया जा रहा है। मकान के नीचे उनकी दुकान है, पहली मंजिल पर परिवार रहता है और दूसरी मंजिल पर पटाखों का स्टॉक रखा हुआ था। शुक्रवार देर रात करीब साढ़े नौ बजे अचानक दूसरी मंजिल से आग की लपटें उठने लगीं।
आग लगते ही भीतर रखे पटाखे फूटने लगे, जिससे तेज धमाके सुनाई देने लगे। कुछ पटाखे सड़क तक गिरने लगे, जिससे लोग घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। आसपास के मकानों के लोग भी डर के मारे घर खाली कर गए।
मौके पर प्रशासन और पुलिस की तैनाती
सूचना मिलते ही गढ़ाकोटा थाना प्रभारी रजनीकांत दुबे, पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। फायर फाइटर टीम ने चार गाड़ियों की मदद से करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित किया। आग की तीव्रता इतनी थी कि दूसरी मंजिल की दीवारें और खिड़कियां क्षतिग्रस्त हो गईं।
थाना प्रभारी ने बताया कि आग बुझाने के बाद पूरी इमारत की तलाशी ली गई ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भीतर कोई व्यक्ति फंसा न हो। सौभाग्य से सभी लोग समय रहते बाहर निकल आए थे।
पटाखों के स्टॉक से हुआ हादसा
पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि दीपक गुप्ता पटाखों का व्यवसाय करते हैं। दीपावली के लिए उन्होंने जो स्टॉक मंगवाया था, उसका कुछ हिस्सा बिक्री के बाद बच गया था, जिसे उन्होंने दूसरी मंजिल पर रखा था। इन्हीं पटाखों में अज्ञात कारणों से आग लग गई, जिससे विस्फोट जैसी आवाजें हुईं।
संभावना यह जताई जा रही है कि या तो शॉर्ट सर्किट हुआ, या फिर किसी खुले दीये या धूम्रपान की वजह से आग लगी। हालांकि सटीक कारण का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है।
तहसील प्रशासन ने मकान सील किया
घटना की जानकारी मिलते ही तहसीलदार महेंद्र दुबे भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने फायर टीम और पुलिस अधिकारियों से चर्चा की और सुरक्षा कारणों से पूरे मकान को सील करने का निर्देश दिया।
तहसीलदार दुबे ने बताया कि,
“प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि मकान की दूसरी मंजिल पर बड़ी मात्रा में पटाखे रखे थे, जबकि यह क्षेत्र पूर्णतः रहवासी इलाका है। इस तरह का विस्फोटक सामान यहां रखना कानूनन गलत है। इसलिए मकान को सील कर आगे की जांच की जा रही है।”
रहवासी इलाकों में पटाखा भंडारण पर सवाल
इस घटना ने नगर में सुरक्षा मानकों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर परिषद क्षेत्र में कई व्यापारी दीपावली और शादियों के सीजन में पटाखों का भंडारण करते हैं, जिनमें से अधिकांश के पास वैध लाइसेंस नहीं होता। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह आग रात में ज्यादा फैल जाती, तो पूरा मोहल्ला चपेट में आ सकता था।
नगरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे सभी पटाखा व्यापारियों की जांच की जाए और जहां भी अवैध रूप से विस्फोटक पदार्थ रखे गए हैं, वहां तत्काल कार्रवाई हो।