बुंदेलखंड शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, सागर में अधिष्ठाता महोदय के मार्गदर्शन में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान के अंतर्गत मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह शिविर मनोचिकित्सा विभाग एवं सामुदायिक आयुर्विज्ञान विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में मेडिकल, पैरामेडिकल एवं नर्सिंग छात्रों ने भाग लिया।
🔹 शिविर का उद्देश्य
शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं—विशेषकर चिकित्सा एवं नर्सिंग विद्यार्थियों—में बढ़ते तनाव, चिंता, अवसाद जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की समय रहते पहचान करना तथा स्वस्थ मानसिक जीवन की दिशा में उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना था।

आज के प्रतिस्पर्धी और जिम्मेदारियों से भरे वातावरण में छात्र कई बार असहज परिस्थितियों का सामना करते हैं। इस स्क्रीनिंग शिविर के माध्यम से उन्हें—
- भावनात्मक स्वास्थ्य,
- व्यवहारिक बदलाव,
- तनाव प्रबंधन,
- तथा मानसिक संतुलन बनाए रखने के उपायों—
के बारे में विशेषज्ञों द्वारा निकटता से समझाया गया।
🔹 शिविर का आयोजन एवं गतिविधियाँ
यह शिविर 22 नवम्बर 2025 को प्रातः 11:00 बजे से 1:00 बजे तक मनोचिकित्सा विभाग के ओपीडी कक्ष क्रमांक–05 में आयोजित हुआ।
शिविर के दौरान—
- विशेषज्ञ मनोचिकित्सकों,
- रेज़िडेंट डॉक्टरों,
- एवं काउंसलिंग टीम
द्वारा विद्यार्थियों की विस्तृत स्क्रीनिंग की गई।
छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर व्यक्तिगत परामर्श दिया गया।
जिन छात्रों में तनाव या भावनात्मक असंतुलन के लक्षण पाए गए, उन्हें आगे की काउंसलिंग और उपचार हेतु अलग से मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
🔹 अधिष्ठाता महोदय व प्रशासन की भूमिका
अधिष्ठाता महोदय ने शिविर का निरीक्षण करते हुए छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य को लेकर अधिक सजग रहने की सलाह दी। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों, प्रोफेसरों, और संकाय सदस्यों से अनुरोध किया कि वे छात्रों को ऐसे कार्यक्रमों में सहभागिता के लिए प्रोत्साहित करें, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इसका लाभ उठा सकें।
महाविद्यालय प्रशासन का कहना है कि मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों को नियमित रूप से जारी रखा जाएगा, ताकि भावी चिकित्सकों का मानसिक स्वास्थ्य सुदृढ़ हो सके।
🔹 संयुक्त प्रयास से सफल आयोजन
शिविर के सफल आयोजन में मनोचिकित्सा विभाग एवं सामुदायिक आयुर्विज्ञान विभाग का विशेष योगदान रहा। दोनों विभागों की संयुक्त टीम ने शिविर की पूरी रूपरेखा तैयार की और छात्रों को सहज, सुरक्षित व सहयोगपूर्ण वातावरण प्रदान किया।
शिविर में छात्रों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े अपने प्रश्नों के समाधान प्राप्त किए।