राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत सागर संभाग में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) के लिए तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ आज क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएँ, सागर संभाग डॉ. नीना गिडियन द्वारा किया गया। यह प्रशिक्षण 24 से 26 नवम्बर 2025 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें सागर संभाग के कमजोर प्रदर्शन वाले क्षेत्रों के सीएचओं को विशेष रूप से शामिल किया गया है।

मातृ-शिशु स्वास्थ्य एवं टीकाकरण में सुधार रहेगा फोकस
प्रशिक्षण के मुख्य विषयों में मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण की समयबद्धता एवं प्रभावी निगरानी, तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार पर विशेष बल दिया जा रहा है। डॉ. गिडियन ने बताया कि संभाग स्तर पर कुल 06 बैचों में प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है, और प्रत्येक बैच में 40 सीएचओ की सहभागिता सुनिश्चित की गई है।
उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण उन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की महत्वपूर्ण पहल है, जहाँ सीएचओं का प्रदर्शन अपेक्षित स्तर पर नहीं है।
एमएमआर-आईएमआर में कमी लाने पर विशेष जोर
क्षेत्रीय संचालक डॉ. नीना गिडियन ने कहा कि प्रशिक्षण का प्रमुख उद्देश्य—
- मातृ मृत्यु दर (MMR) व शिशु मृत्यु दर (IMR) में प्रभावी कमी लाना,
- टीकाकरण कार्यक्रम के क्रियान्वयन एवं निगरानी को और अधिक मजबूत बनाना,
- तथा दुर्गम एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और गुणवत्ता बढ़ाना है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सीएचओं को ज़मीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक बेहतर ढंग से लागू करने हेतु आवश्यक तकनीकी, प्रबंधकीय और सामुदायिक कौशल विकसित किए जा रहे हैं।
डेटा प्रबंधन और विश्लेषण पर विशेष प्रशिक्षण
शिविर में विशेष प्रशिक्षकों द्वारा सीएचओं को—
- राज्य एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य पोर्टलों पर डेटा प्रविष्टि,
- स्वास्थ्य डेटा के विश्लेषण,
- इन आँकड़ों के निर्णय-निर्माण में महत्व,
- तथा स्वास्थ्य संकेतकों की नियमित समीक्षा
से जुड़ी प्रक्रियाओं का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
साथ ही, समुदाय आधारित स्वास्थ्य सेवाओं के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों और उनके समाधान पर भी विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है।

स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक दक्ष और सशक्त बनाने का प्रयास
प्रशिक्षण कार्यक्रम का समग्र उद्देश्य सीएचओं को अधिक दक्ष, उत्तरदायी और तकनीकी रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर क्रियान्वयन कर सकें।
डॉ. गिडियन ने विश्वास व्यक्त किया कि इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण से मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण व्यवस्था और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं में गुणात्मक सुधार होगा, जिससे सागर संभाग के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच और प्रभावशीलता बढ़ेगी।