भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य मंत्रि-परिषद (कैबिनेट) की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। सरकार ने एक दिसंबर से शुरू होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र में प्रस्तुत किए जाने वाले करीब 9 हजार करोड़ रुपए के अनुपूरक बजट को मंजूरी दी। इसके साथ ही विभिन्न विभागों के महत्त्वपूर्ण विधेयकों और संवेदनशील प्रकरणों पर भी निर्णय लिए गए।

नक्सल मुठभेड़ में शहीद हुए निरीक्षक आशीष शर्मा के परिवार को 1 करोड़, भाई को SI पद
नगरीय विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कैबिनेट निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि बालाघाट हॉक फोर्स के निरीक्षक आशीष शर्मा 19 नवंबर 2025 को नक्सल विरोधी अभियान के दौरान मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए थे।
कैबिनेट ने उनकी शहादत को सम्मान देते हुए—
- परिवार को 1 करोड़ रुपए की विशेष अनुग्रह राशि
- छोटे भाई अंकित शर्मा को जिला पुलिस बल में उप निरीक्षक (SI) पद पर अनुकंपा नियुक्ति
प्रदान करने की मंजूरी दी है।
नगरीय निकाय चुनावों में बड़ा बदलाव : अध्यक्षों का चुनाव अब सीधे जनता करेगी
कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष पद के लिए प्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली को पुनः लागू करने संबंधी विधेयक को मंजूरी दी है।
क्या है बदलाव?
- वर्ष 1999 से 2014 तक अध्यक्षों का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होता था।
- वर्ष 2022 में इसे बदलकर अप्रत्यक्ष प्रणाली कर दिया गया था, जिसमें निर्वाचित पार्षद अध्यक्ष चुनते हैं।
- अब फिर से सीधे मतदाता अपने अध्यक्ष का चयन कर सकेंगे।
- महापौर का चुनाव पहले की तरह ही प्रत्यक्ष प्रणाली से होता रहेगा।
यह बदलाव नगरीय निकायों में नेतृत्व की जवाबदेही और जनभागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

लोकायुक्त संगठन में विधि सलाहकारों की संविदा अवधि बढ़ी
बैठक में सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के प्रस्ताव पर लोकायुक्त संगठन में सेवाएँ दे रहे सेवानिवृत्त वरिष्ठ न्यायाधीशों की संविदा अवधि बढ़ाए जाने पर भी चर्चा हुई। कैबिनेट ने निम्नलिखित पदों के लिए अवधि विस्तार को मंजूरी दी—
- चंद्रदेव शर्मा — सेवानिवृत्त प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय
- हरि शरण यादव — सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश
- संतोष प्रसाद शुक्ला — सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश
- राम प्रताप सिंह — सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश
इन सभी को लोकायुक्त संगठन, भोपाल में विधि सलाहकार के रूप में संविदा पर पुनर्नियुक्ति अवधि बढ़ाने की स्वीकृति दी गई।
मंजूरी पाए विधेयक
मंत्रि-परिषद ने शीतकालीन सत्र में प्रस्तुत किए जाने वाले निम्न विधेयकों को मंजूरी दी—
1. मध्य प्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम द्वितीय संशोधन विधेयक 2025
राज्य में दुकानों और कार्यस्थलों से जुड़े संचालन नियमों को वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने हेतु संशोधन प्रस्तावित।
2. मध्य प्रदेश नगर पालिका संशोधन विधेयक 2025
नगरीय निकायों के प्रशासन, चुनाव प्रणाली और संचालन से संबंधित प्रावधानों में बड़े बदलावों का मार्ग प्रशस्त करता है।

अनुपूरक बजट : विकास कार्यों को मिलेगी नई गति
कैबिनेट द्वारा स्वीकृत लगभग 9,000 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट राज्य में चल रहे—
- अवसंरचना विकास
- नगरीय सुधार योजनाएँ
- सुरक्षा एवं पुलिस सुदृढ़ीकरण
- सामाजिक कल्याण योजनाएँ
- ग्रामीण और शहरी विकास परियोजनाएँ
को और गति देने के उद्देश्य से लाया जा रहा है।