इंदौर के हीरानगर क्षेत्र में सोमवार शाम एक 19 वर्षीय छात्रा प्रियांशी राव द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। अचानक कैफे पर न पहुंचने और कॉल रिसीव न करने के बाद दोस्तों ने जब उसके कमरे पर जाकर दरवाजा खोला, तो अंदर संदिग्ध स्थिति देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी।
हीरानगर पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि प्रियांशी कुछ समय पहले हुए ऑपरेशन के बाद तनाव और डिप्रेशन में थी।
कैफे पर नहीं पहुंची, फोन नहीं उठाया – दोस्तों को हुआ शक
पुलिस के अनुसार, प्रियांशी अपने दो दोस्तों—नवीन और एक अन्य साथी—के साथ मिलकर घर के पास ही एक छोटा कैफे चलाती थी।
सोमवार को वह समय पर कैफे पर नहीं पहुंची। दोस्तों ने उसके मोबाइल पर कॉल किया, लेकिन फोन बार-बार करने के बाद भी उसने रिसीव नहीं किया।
शक होने पर जब वे उसके कमरे पर पहुंचे, तो कमरा अंदर से बंद था। दरवाजा खोलने पर प्रियांशी को फांसी पर लटका हुआ पाया गया।
दोस्तों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

कमरे से नहीं मिला सुसाइड नोट, मोबाइल जब्त
टीआई सुशील पटेल ने बताया—
- मृतका प्रियांशी (19) पुत्री धर्मेंद्र राव, मूल रूप से देवास जिले के बरोठा गांव की रहने वाली थी।
- कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।
- पुलिस ने उसका मोबाइल जब्त कर लिया है, कॉल डिटेल और चैट्स की जांच की जाएगी।
प्रियांशी पीएस (फार्मा) डिप्लोमा कर रही थी और पढ़ाई के साथ कैफे का संचालन भी करती थी।
हाल ही में हुआ था चेस्ट ऑपरेशन, स्वास्थ्य को लेकर थी परेशान
परिवार और दोस्तों के अनुसार, प्रियांशी ने कुछ दिन पहले चेस्ट का ऑपरेशन करवाया था।
ऑपरेशन के बाद वह लगातार तनाव और चिंता में रहती थी।
परिजन का मानना है कि वह अपनी सेहत को लेकर मानसिक दबाव में थी।
पुलिस भी प्राथमिक जांच में स्वास्थ्य संबंधी चिंता को संभावित कारण मान रही है।
परिवार की स्थिति – पिता किसान, बहनें पढ़ाई कर रही हैं
प्रियांशी के पिता किसान हैं।
परिवार में उसकी दो बहनें हैं—
- एक माता-पिता के साथ रहती है
- दूसरी भोपाल में पढ़ाई कर रही है
प्रियांशी इंदौर में किराए का कमरा लेकर रहती थी और कैफे के अतिरिक्त पढ़ाई भी संभाल रही थी।

दोस्त नवीन से होती थी ज्यादा बातें; पुलिस करेगी पूछताछ
जांच में सामने आया है कि वह अपने दोस्तों में सबसे ज्यादा नवीन से बातें करती थी।
घटना के समय नवीन होशंगाबाद में था।
पुलिस उसके इंदौर लौटने के बाद उससे भी पूछताछ करेगी, ताकि मानसिक स्थिति, रिश्तों और ऑपरेशन के बाद की परिस्थितियों को समझा जा सके।
पुलिस जांच जारी, स्वास्थ्य और मानसिक दबाव मुख्य एंगल
हीरानगर पुलिस का कहना है कि—
- यह मामला डिप्रेशन से जुड़ा हो सकता है
- पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, मोबाइल डेटा और दोस्त/परिजन के बयान के आधार पर स्थिति स्पष्ट होगी
जांच दल फिलहाल तीन संभावित एंगल पर काम कर रहा है:
- स्वास्थ्य और ऑपरेशन का प्रभाव
- निजी तनाव या रिश्तों से जुड़ा दबाव
- पढ़ाई और काम का डबल तनाव