सागर।
जिला अस्पताल परिसर से करीब 20 दिन पहले चोरी हुई सुरक्षा गार्ड की बाइक पुलिस ने शुक्रवार को बरामद कर ली। बाइक को एक स्थानीय मिस्त्री के पास से जब्त किया गया, जिसके पास चोरी की गई बाइक को आरोपी ने अपनी पत्नी की तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर 10 हजार रुपए में गिरवी रख दिया था। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब फरियादी के भतीजे ने संयोगवश सड़क पर वह बाइक देख ली और पहचान लिया।
घटना की शुरुआत — अस्पताल के ओपीडी गेट से गायब हुई बाइक
काकागंज निवासी सुरक्षा गार्ड रूपचंद अहिरवार जिला अस्पताल में तैनात हैं। रोज की तरह लगभग 20 दिन पहले भी वह अपनी बाइक (क्रमांक MP 42 MS 3827) को अस्पताल के ओपीडी गेट के पास खड़ी कर ड्यूटी पर चला गया। कुछ ही देर बाद जब वह वापस आए तो बाइक गायब थी।
बाइक चोरी होने का पता लगते ही रूपचंद ने तत्काल थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला कायम तो किया, लेकिन बाइक और आरोपी के बारे में कोई सुराग नहीं मिल सका। इस दौरान रूपचंद ने स्वयं भी परिचितों की मदद से बाइक की तलाश जारी रखी।

तिरुपतिपुरम से मिला अहम सुराग — भतीजे की नजर ने किया कमाल
शुक्रवार को रूपचंद के भतीजे शुभम अपने काम से तिरुपतिपुरम की ओर जा रहा था। रास्ते में उसकी नजर सड़क किनारे खड़ी एक बाइक पर पड़ी। नंबर देखने पर उसे शक हुआ कि यह वही चोरी हुई बाइक है।
शुभम ने बिना देर किए तुरंत अपने चाचा रूपचंद को फोन कर जानकारी दी। सूचना मिलते ही रूपचंद अपने परिचितों के साथ मौके पर पहुंच गया। मौके पर घंटों की परेशानी और तनाव के बाद रूपचंद ने बाइक को पहचानकर पुख्ता तौर पर पुष्टि की कि यह वही उसकी चोरी हुई वाहन है।
पड़ताल के बाद खुला सच — “पत्नी की बीमारी” के नाम पर 10 हजार रुपए लेकर गिरवी रखा वाहन
जब बाइक चला रहे मिस्त्री से पूछताछ की गई, तो पूरा मामला सामने आया।
मिस्त्री ने बताया कि लगभग 20 दिन पहले सोमला गांव निवासी बिहारी उसके पास बाइक लेकर आया था। उसने कहा कि उसकी पत्नी गंभीर रूप से बीमार है और इलाज के लिए तत्काल पैसे की जरूरत है। इसी बहाने से उसने बाइक गिरवी रखकर 10 हजार रुपए ले लिए थे।
मिस्त्री ने दावा किया कि उसे यह पता नहीं था कि बाइक चोरी की है। उसे भरोसा दिलाया गया था कि कुछ दिनों में पैसे लौटाकर बाइक वापस ले ली जाएगी।
ईंट भट्टे से हुई गिरफ्तारी — पुलिस ने घेरा और पकड़ा आरोपी
शुभम और रूपचंद की सूचना के बाद गोपालगंज थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच गई। बाइक को जब्त कर लिया गया और मिस्त्री से विस्तृत पूछताछ की गई।
मिस्त्री द्वारा बताए गए ठिकाने के आधार पर पुलिस ने आरोपी बिहारी की तलाश शुरू की। कुछ ही समय में पुलिस ने उसे एक ईंट भट्टे के पास से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी को थाने लाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि आरोपी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड है या उसने पहले भी इसी तरह चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है।
पीड़ित की प्रतिक्रिया — “भतीजे ने फोन किया, तभी उम्मीद जगी”
फरियादी रूपचंद अहिरवार ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा—
“20 दिन से बाइक की तलाश कर रहा था। पुलिस भी प्रयास कर रही थी लेकिन कोई सुराग नहीं मिल रहा था। शुक्रवार को भतीजे शुभम ने बताया कि तिरुपतिपुरम में बाइक खड़ी है। मौके पर पहुंचा तो देखा — वही मेरी बाइक थी। मिस्त्री से पूछताछ की तो मामला सामने आया। तुरंत पुलिस को सूचना दी और पुलिस ने कार्रवाई करके आरोपी को पकड़ लिया।”
रूपचंद ने अपने भतीजे की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
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