बुंदेलखंड की बेटी ने रचा इतिहास — “बेटियां किसी से कम नहीं”**
सागर / 28 नवंबर 2025। महिला वर्ल्ड कप विजेता टीम की सदस्य, मध्य प्रदेश और बुंदेलखंड की गौरवशाली प्रतिभा सुश्री क्रांति गौड़ के सागर आगमन पर “आत्मनिर्भर शिक्षक संदर्भ समूह — मध्य प्रदेश टीम सागर” द्वारा शानदार स्वागत एवं सम्मान किया गया। यह आयोजन केवल सम्मान का नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की बेटियों की शक्ति, संघर्ष और सपनों की उड़ान का उत्सव बन गया।
राज्य संचालन समिति के सदस्यों ने किया सम्मान
सम्मान समारोह गिजूभाई बाल रत्न सम्मेलन परंपरा के अनुरूप आयोजित किया गया। क्रांति गौड़ का स्वागत निम्न प्रमुख सदस्यों द्वारा किया गया— 🔹 संजय श्रीवास्तव गौर — नगर संकुल प्राचार्य एवं राज्य संचालन समिति सदस्य 🔹 श्रीमति कृष्णा साहू — राज्य कोर कमेटी सदस्य एवं सागर जिला समन्वयक 🔹 दीपा अहिरवार — सागर ब्लॉक समन्वयक 🔹 विजय गौड़ — मालथौन ब्लॉक समन्वयक
सम्मान के दौरान उन्हें आगामी दिवसों में होने वाले राज्य स्तरीय आयोजनों में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित भी किया गया।
क्रांति गौड़ बोलीं — “बेटियां अगर ठान लें तो असंभव भी संभव”
अपनी सफलता के पीछे संघर्ष की कहानी साझा करते हुए क्रांति गौड़ ने कहा—
“बेटियां किसी से कम नहीं। चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों, अगर लक्ष्य मजबूत हो और मन में विश्वास हो, तो मंज़िल मिलती ही है। यह तो सिर्फ़ शुरुआत है, आगे और भी उपलब्धियाँ हासिल कर बुंदेलखंड और देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन करूंगी।”
उनके शब्दों ने उपस्थित जनमानस, विशेषकर बच्चों और छात्राओं के भीतर आत्मविश्वास और प्रेरणा का संचार किया।
कृष्णा साहू — “क्रांति जैसे उदाहरण बच्चों को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं”
सागर जिला समन्वयक श्रीमति कृष्णा साहू ने गिजूभाई बधेका के शैक्षणिक दर्शन का उल्लेख करते हुए कहा—
“गिजूभाई ने बालक को ईश्वर का स्वरूप माना है। विद्यालय मंदिर है और बालक उसके देवता। क्रांति बच्चों के लिए जीवंत प्रेरणा है — कठिन हालातों के बावजूद संघर्ष कर सफलता प्राप्त करने वाली। शिक्षक कक्षाओं में उनके उदाहरण रखें ताकि हर बच्चा अपने भीतर छिपे प्रतिभा पर विश्वास करना सीखे और गुदड़ी का लाल बनकर उभरे।”
प्राचार्य संजय श्रीवास्तव — “क्रांति ने बुंदेलखंड का नाम दुनिया के मंच पर चमकाया”
राज्य संचालन समिति सदस्य प्राचार्य संजय श्रीवास्तव ने गर्व जताते हुए कहा—
“छतरपुर जिले के एक छोटे से गाँव से निकलकर विश्व कप जीतने तक का सफर भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय है। परिस्थितियाँ कठिन थीं, पर क्रांति ने धैर्य, संयम और आत्मविश्वास के बल पर भारतीय टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह उपलब्धि देश में महिला क्रिकेट के नए युग की शुरुआत करेगी।”
ब्लॉक समन्वयक विजय गौड़ — “क्रांति ने पाकिस्तान को धूल चटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई”
उन्होंने कहा—
“क्रांति गौड़ मूल रूप से बुंदेलखंड की बेटी ही नहीं, बल्कि समाज की बेटी हैं। उन्होंने अपने माता-पिता, गुरुजनों और पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ मैच में भारतीय टीम की जीत में क्रांति ने अपनी घातक गेंदबाजी से निर्णायक योगदान दिया। यूपी वॉरियर्स के साथ भी उनकी सफलता की शुभकामनाएँ।”