ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने शनिवार को अपनी पार्टनर जोडी हेडन से विवाह कर इतिहास रच दिया। 62 वर्ष के अल्बनीज अब ऑस्ट्रेलिया के पहले ऐसे प्रधानमंत्री बन गए हैं, जिन्होंने पद पर रहते हुए शादी की है। यह शादी राजधानी कैनबरा स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में सादगीपूर्ण और अत्यंत निजी समारोह में हुई।
46 वर्षीय जोडी हेडन, जो वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में कार्यरत हैं, फरवरी 2024 में अल्बनीज से सगाई कर चुकी थीं। शादी के बाद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर मात्र एक शब्द पोस्ट किया— “Married”। इसके साथ जारी वीडियो में अल्बनीज बो-टाई पहने और अपने विवाह मंडप में मुस्कुराती दुल्हन का हाथ थामे नजर आए।
अल्बनीज और हेडन सोमवार से शुक्रवार तक ऑस्ट्रेलिया में ही हनीमून मनाएंगे और पूरा खर्च निजी रूप से वहन करेंगे। सरकार के फंड का इस्तेमाल न करने का यह निर्णय नागरिकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है और पारदर्शिता के उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।

दूसरी शादी, दूसरा अध्याय — बीते रिश्तों की छाया के बीच नए जीवन की शुरुआत
यह शादी प्रधानमंत्री अल्बनीज के जीवन की दूसरी शादी है। इससे पहले वे 19 वर्ष तक अपनी पहली पत्नी कार्मेल टेबट के साथ विवाहित रहे और वर्ष 2019 में तलाक हुआ। इस रिश्ते से उन्हें एक बेटा नाथन है, जो इस शादी समारोह में भी मौजूद रहा।
जोडी हेडन की भी यह दूसरी शादी है, लेकिन उनकी पहली शादी और तलाक से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं है।
अल्बनीज और हेडन की पहली मुलाकात वर्ष 2020 में मेलबर्न में एक बिजनेस डिनर के दौरान हुई, जहां दोनों में बातचीत और फिर मित्रता का सिलसिला शुरू हुआ, जो अब विवाह में बदल चुका है।
संघर्षों से भरा बचपन — बिन ब्याही मां के बेटे बने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री
एंथनी अल्बनीज आज भले ही देश के सर्वोच्च पद पर हैं, लेकिन उनका बचपन संघर्षों और भावनात्मक उथल-पुथल से भरा रहा।
उनका जन्म 2 मार्च 1963 को कैंपरडॉउन, ऑस्ट्रेलिया में एक रूढ़िवादी कैथोलिक ईसाई परिवार में हुआ। जन्म से ही उन्होंने पिता की मौजूदगी का साया नहीं देखा।
बचपन में उन्हें बताया गया था कि उनकी मां विदेश यात्रा के दौरान उनके पिता से मिली थीं, शादी हुई थी और ऑस्ट्रेलिया लौटते ही एक कार दुर्घटना में पिता की मृत्यु हो गई। अल्बनीज ने बचपन और किशोरावस्था इसी कहानी के भरोसे बिताई।
लेकिन 14 वर्ष की उम्र में रात के भोजन के बाद मां ने एक ऐसा सच बताया जिसने उनकी दुनिया बदल दी।
सच यह था—
उनके माता-पिता की शादी कभी नहीं हुई थी।
मां इटली यात्रा पर एक शिप मैनेजर कार्लो के संपर्क में आईं, प्रेम हुआ और वे गर्भवती हो गईं।
उस दौर में समाज अत्यंत कट्टर था और अविवाहित मां तथा ‘नाजायज’ बच्चे को स्वीकार नहीं किया जाता था।
इसलिए उन्होंने अपने बेटे को सामाजिक तिरस्कार से बचाने के लिए विवाह की बनाई हुई कहानी पर परिवार को विश्वास दिलाया।

मां की मौत के बाद पिता से मिलने का सफर — एक बेटे की अपूर्ण ख्वाहिश का पूरा होना
2002 में मां की मृत्यु के बाद अल्बनीज के मन में पिता से मिलने की इच्छा फिर जागी।
फिर एक दिन जब उनका छोटा बेटा नाथन ने मासूमियत से पूछा—
“आपके पिताजी कहां हैं?”
तो उन्हें एहसास हुआ कि सच को जानना केवल उनकी जरूरत नहीं, बल्कि बेटे के भविष्य के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
आखिरकार उन्होंने पिता को ढूंढ निकाला और मुलाकात की। पिता से मिलना उनके जीवन का सबसे भावनात्मक और महत्वपूर्ण क्षणों में से एक माना जाता है।