कलेक्टर श्री संदीप जी. आर. के निर्देश पर जिले की प्रशासनिक टीम ने मंडी प्रांगण में सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना का धोखाधड़ी प्रयास उजागर कर कार्रवाइयों को अंजाम दिया। 29 नवंबर को नियंत्रण में रखी गई छानबीन के दौरान उपस्थिति निरीक्षकों को ट्रैक्टर-ट्रॉली क्रमांक UP94AG8347 में बड़ी मात्रा में सोयाबीन लदी मिली, जिसे योजना के तहत फर्जी तरीके से लाभान्वित कराने का प्रयास किया जा रहा था।

जांच के अनुसार आरोपी रानू जैन पुत्र राजकुमार जैन निवासी मड़ावरा, जिला ललितपुर (उत्तर प्रदेश) ने लगभग 160 बोरियाँ (लगभग 80 क्विंटल) सोयाबीन ट्रैक्टर से मंडी में लाकर उसे नन्हे सिंह निवासी रहली, जिला सागर के नाम पर दर्ज कराने का प्रयास किया। मंडी प्रांगण प्रभारी एवं सहायक उपनिरीक्षक महेश सिंह राजपूत की लिखित शिकायत पर संयुक्त संचालक मंडी बोर्ड श्री आर.पी. चक्रवर्ती और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) व भारसाधक अधिकारी मंडी श्री अमन मिश्रा के नेतृत्व में स्थल निरीक्षण कर आरोपी पकड़ा गया और सोयाबीन जब्त कर सुरक्षा हेतु मंडी प्रांगण में रखा गया।
घटना के क्रम में थाना मोतीनगर में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारम्भ कर दी गई है। सहायक उपनिरीक्षक राजकुमार गौड़ ने आकस्मिक जांच में वाहक द्वारा प्रदत्त नाम, पता व वाहन क्रमांक में अनियमितताएँ पाईं और रिपोर्ट तैयार कर संबंधित दस्तावेज थाने को सौंपे गए। मंडी समिति ने इस कृत्य को शासन को आर्थिक क्षति पहुँचाने की नीयत वाला धोखाधड़ी प्रयास बताया है।

कलेक्टर संदीप जी. आर. ने स्पष्ट किया कि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्राथमिकता है और जो कोई भी योजनाओं का दुरुपयोग करने का प्रयास करेगा उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले के सभी कृषकों को योजना का लाभ समय पर और निष्पक्षता से मिले, इस हेतु निगरानी सतत बनी रहेगी।
प्रशासन ने मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं तथा मंडी सचिव को निलंबन के लिए नोटिस जारी कर दिया गया है, ताकि मामले की निष्पक्ष तफ्तीश सुनिश्चित हो सके। मोतीनगर पुलिस और मंडी टीम मिलकर आरोपियों व उनके सम्बन्धों की पड़ताल कर रहे हैं; आवश्यक घटनास्थल फुटेज व दस्तावेजों की भी जाँच की जा रही है।