राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत PPP-AVCD (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप – एग्रीकल्चर वैल्यू चेन डेवलपमेंट) परियोजना के तहत सागर जिले के 75 चयनित किसानों के लिए क्षमता-वर्धन एवं परियोजना शुभारंभ कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस परियोजना का उद्देश्य किसानों को प्रोटेक्टेड खेती, आधुनिक तकनीकों और उच्च मूल्य वाली फसलों की उत्पादन प्रणाली से जोड़कर उनकी आय में स्थायी वृद्धि करना है।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिले के प्रगतिशील किसान नंदकिशोर पटेल के खेत पर किया गया। उनके खेत पर आयोजित उद्घाटन समारोह में उद्यानिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी श्री बड़ोले ने परियोजना गतिविधियों की औपचारिक शुरुआत की। इस दौरान 20 से अधिक किसान प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे। नंदकिशोर पटेल के लिए नेट हाउस में 30,000 बैंगन पौधों का रोपण कर व्यवसायिक उत्पादन प्रारंभ करना अत्यंत महत्वपूर्ण कदम रहा।
जिला उद्यानिकी अधिकारी (DHO) ने किसानों को नेट हाउस आधारित प्रोटेक्टेड खेती के वैज्ञानिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने तापमान-आर्द्रता नियंत्रण, वेंटिलेशन प्रबंधन, कीट व रोग नियंत्रण, माइक्रो-सिंचाई सावधानियां, पोषक तत्व प्रबंधन और मौसमीय जोखिमों से बचाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया। अधिकारियों ने बताया कि प्रोटेक्टेड स्ट्रक्चर में उत्पादन अधिक, गुणवत्ता बेहतर तथा बाजार में दाम उच्च मिलने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे किसान कम लागत में अधिक लाभ कमा सकते हैं।

प्रशिक्षण के दौरान किसानों में नई तकनीकों को अपनाने का उत्साह स्पष्ट दिखाई दिया। PPP-AVCD परियोजना के फील्ड इम्प्लीमेंटेशन में कृषि-उद्यानिकी विभाग के तकनीकी विशेषज्ञों ने प्रभावी भूमिका निभाई। पूरी टीम ने प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन, फील्ड विज़िट और समन्वय कार्यों को सफलतापूर्वक संभाला।
कार्यक्रम की सफलता में सहयोग देने वाले विकास जी, आरती जी, सूरज जी, कुणाल, रोहित, रितेश, अंकित, मयूर, रामेश्वर एवं पूरी खेती टीम को अधिकारियों और किसानों ने विशेष धन्यवाद दिया। उद्यानिकी विभाग ने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण एवं प्रायोगिक कार्यक्रमों के माध्यम से जिले में प्रोटेक्टेड खेती का विस्तार और किसानों की आर्थिक उन्नति को लगातार बढ़ावा दिया जाएगा।