मध्यप्रदेश के केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल द्वारा हाल ही में एक विवादित बयान दिए जाने के बाद राज्यभर में उनकी टिप्पणी का विरोध किया जा रहा है। मंत्री पटेल ने जनता को ‘भिखारी’ कहकर संबोधित किया था, जो विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक समूहों को आहत कर गया। इस बयान को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस पार्टी ने जोरदार विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई। इंदौर में भी इस बयान के खिलाफ विरोध का सिलसिला लगातार जारी है।

विरोध प्रदर्शन का विवरण: कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार, 6 मार्च को इंदौर के अग्रसेन चौराहे पर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। इस विरोध प्रदर्शन में ब्लॉक 11 विधानसभा 3 के कांग्रेस कार्यकर्ता, महिला कांग्रेस की सदस्याएं और अन्य स्थानीय नेता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए मंत्री प्रह्लाद पटेल के बयान की निंदा की और उनका पुतला जलाने का फैसला लिया।
पुतला दहन की घटना: प्रदर्शन के दौरान, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री प्रह्लाद पटेल का पुतला तैयार किया और उसकी अर्थी निकालने की प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद पुतले को घुमाया गया और पुतला जलाने की कोशिश की गई। प्रदर्शनकारियों का दावा था कि वे मंत्री पटेल के आपत्तिजनक बयान के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त करने के लिए पुतला दहन करना चाहते थे। इस दौरान नारेबाजी भी तेज हो गई और कांग्रेस कार्यकर्ता “प्रह्लाद पटेल मुर्दाबाद” के नारे लगा रहे थे।
पुलिस हस्तक्षेप: इस विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलने पर पुलिस पहले से ही मौके पर मौजूद थी। जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुतला जलाने की कोशिश की, तो पुलिस ने इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुतले को उनसे छीन लिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की खींचतान भी देखने को मिली, हालांकि इस विवाद में कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। पुलिस ने यह कदम कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया।

कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष निलेश सेन (शैलू) ने बताया कि “हमारे विरोध का उद्देश्य मंत्री के बयान के खिलाफ जनभावनाओं को उजागर करना था। हम इस बयान को बिल्कुल अस्वीकार करते हैं और इसके खिलाफ संघर्ष जारी रखेंगे।”
मुख्य नेता और कार्यकर्ता: इस विरोध प्रदर्शन में युवा कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष अंकित पंवार, महिला कांग्रेस की सचिव रुक्मिणी यादव, सुभाष सिरसिया, दिनेश सिलावट, अभिषेक मित्तल और कई अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे। ये सभी नेता इस विरोध को सफल बनाने के लिए अग्रणी भूमिका निभा रहे थे।
प्रतिक्रिया: इस विरोध प्रदर्शन के बाद मंत्री प्रह्लाद पटेल द्वारा अब तक कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, पार्टी और उनके समर्थक उनके बयान का बचाव करते हुए इसे केवल एक अनकहा और असंवेदनशील बयान मानते हैं। वहीं, कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मंत्री का यह बयान समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को अपमानित करने वाला है, और ऐसे बयानों की सख्त निंदा की जानी चाहिए।

इंदौर में मंत्री प्रह्लाद पटेल के बयान का विरोध लगातार तेज हो रहा है। कांग्रेस पार्टी इस विरोध को एक आंदोलन की तरह बढ़ा रही है और अपने कार्यकर्ताओं के जरिए जनता के बीच इस बयान का विरोध दर्ज करा रही है। हालांकि पुलिस ने पुतला दहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन विरोधी दल के नेता इसे एक लोकतांत्रिक तरीका मानते हुए इस प्रदर्शन को सही ठहरा रहे हैं। यह घटना राजनीतिक माहौल को गर्म कर सकती है, और देखना होगा कि आने वाले दिनों में इस विरोध का क्या असर होता है।