सागर। जिले के बीना, खुरई, मालथौन और बांदरी क्षेत्र में इन दिनों सड़कों पर ओवरलोड वाहनों की आवाजाही तेजी से बढ़ गई है। मालवाहक वाहनों में क्षमता से अधिक सामान और सवारी वाहनों में जरूरत से ज्यादा लोगों को बैठाकर ले जाने के कारण सड़कों पर चलना खतरनाक होता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमों को ताक पर रखकर चल रहे ऐसे वाहन किसी बड़े हादसे को न्यौता दे रहे हैं।
फसल कटाई के मौसम में बढ़ी लापरवाही

ग्रामीण क्षेत्रों में इस समय फसल कटाई का सीजन चल रहा है। इसी का फायदा उठाते हुए कई खेत मालिक और ठेकेदार परिवहन खर्च बचाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में मजदूरों को क्षमता से अधिक भरकर खेतों तक ले जा रहे हैं।
कई बार ट्रॉलियों में इतनी अधिक संख्या में मजदूर बैठा दिए जाते हैं कि वाहन असंतुलित हो जाते हैं और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों से गांव और मंडियों तक आने-जाने के दौरान ऐसी स्थिति अक्सर देखने को मिल रही है।
मालवाहक वाहनों में भी क्षमता से ज्यादा सामान
सिर्फ ट्रैक्टर-ट्रॉली ही नहीं, बल्कि पिकअप, डंपर और ट्रकों में भी निर्धारित सीमा से कहीं ज्यादा माल लादा जा रहा है। इससे वाहन चालक का नियंत्रण कम हो जाता है और सड़क पर अन्य लोगों के लिए खतरा बढ़ जाता है।

इसी तरह तीन पहिया टैक्सियों और चार पहिया सवारी वाहनों में भी यात्रियों को ठूंस-ठूंस कर बैठाया जा रहा है। कई बार यात्री वाहन की छत या पीछे लटककर सफर करने को मजबूर होते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
पुलिस चौकियों के सामने से गुजरते हैं वाहन
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ओवरलोड वाहन अक्सर पुलिस थानों और चौकियों के सामने से ही गुजरते हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। पुलिस द्वारा ज्यादातर जांच शहर के प्रमुख चौराहों तक ही सीमित रहती है।
ग्रामीण इलाकों की सड़कों पर नियमित और सख्त चेकिंग नहीं होने के कारण वाहन चालक और मालिक बेखौफ होकर नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।

पहले भी हो चुके हैं कई हादसे
क्षेत्र में पहले भी ओवरलोड वाहनों के कारण कई सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें लोगों की जान तक जा चुकी है। इसके बावजूद स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में बड़े हादसे हो सकते हैं।
पुलिस ने सख्ती का दिया भरोसा
इस मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव उईके ने कहा कि पुलिस समय-समय पर अभियान चलाकर ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करती है।

उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के अवैध और खतरनाक परिवहन की शिकायतें सामने आ रही हैं तो निगरानी बढ़ाई जाएगी। इसके लिए संबंधित थाना प्रभारियों को निर्देश जारी किए जाएंगे ताकि ओवरलोडिंग पर प्रभावी रोक लगाई जा सके और संभावित दुर्घटनाओं को टाला जा सके।