बीना सिविल अस्पताल में एचपीवी वैक्सीन कार्यक्रम का निरीक्षण !

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सागर जिले के बीना सिविल अस्पताल में सोमवार को एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीनेशन कार्यक्रम का निरीक्षण किया गया। इस दौरान अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने उपस्थित लोगों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए इस टीकाकरण अभियान के महत्व के बारे में जानकारी दी। साथ ही अधिक से अधिक किशोरियों को वैक्सीन लगवाने के लिए जागरूक करने पर जोर दिया गया।

अधिकारियों ने दी जागरूकता की सलाह

निरीक्षण के दौरान सीईओ प्रदीप पाल ने कहा कि एचपीवी वैक्सीन किशोरियों में कैंसर से लड़ने की क्षमता बढ़ाने में मददगार साबित होगी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाकर ज्यादा से ज्यादा बच्चियों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि भविष्य में होने वाली गंभीर बीमारियों से बचाव हो सके।

विधायक ने की योजना की सराहना

कार्यक्रम के दौरान विधायक निर्मला सप्रे ने भी इस अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं और किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से बचाने के लिए यह वैक्सीन निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों को समय पर यह टीका जरूर लगवाएं।

क्या है सर्वाइकल कैंसर और एचपीवी

बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय के निचले हिस्से, जिसे सर्विक्स कहा जाता है, में होने वाला कैंसर है। यह मुख्य रूप से ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) के संक्रमण से होता है।

उन्होंने बताया कि कई बार यह संक्रमण अपने आप ठीक हो जाता है, लेकिन यदि यह लंबे समय तक शरीर में बना रहे तो धीरे-धीरे कैंसर का रूप ले सकता है। ऐसे में समय पर वैक्सीन लगवाना इस बीमारी से बचाव का प्रभावी तरीका है।

बीना क्षेत्र में अब तक लगभग 100 किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाई जा चुकी है

बाजार में महंगी, अस्पताल में मुफ्त

डॉ. अग्रवाल ने बताया कि यह वैक्सीन निजी बाजार में करीब 4000 रुपये तक में मिलती है, लेकिन सरकारी अस्पतालों में 14 से 15 वर्ष की किशोरियों को यह पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी इसका लाभ मिल सकेगा।

टीकाकरण के लिए जरूरी नियम

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार टीकाकरण के लिए कुछ आवश्यक नियम तय किए गए हैं—

  • आयु सीमा: 14 से 15 वर्ष की किशोरियां
  • दस्तावेज: आधार कार्ड लाना अनिवार्य (आधार न होने पर सहमति पत्र भरना होगा)
  • पंजीयन: टीकाकरण के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है

प्रशासन की अपील

स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि इस आयु वर्ग की सभी किशोरियां आगे आकर एचपीवी वैक्सीन लगवाएं। इससे भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है

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