छतरपुर जिला अस्पताल में भर्ती एक 53 वर्षीय महिला मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल की चौथी मंजिल पर विरोध प्रदर्शन करते हुए खिड़की का कांच तोड़ दिया। करीब एक घंटे तक अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति बनी रही। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश देकर मामला शांत कराया।
हाई शुगर की शिकायत पर कराया था भर्ती
अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार आशारानी जोगी (53) पत्नी ऊदल सिंह जोगी, निवासी बड़ामलहरा, को हाई शुगर की शिकायत के चलते मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों द्वारा उनका उपचार शुरू किया गया था।

इलाज के दौरान बिगड़ी हालत
बताया जा रहा है कि इलाज के दौरान अचानक महिला की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। डॉक्टरों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। जैसे ही महिला की मौत की खबर परिजनों को मिली, वे आक्रोशित हो गए और अस्पताल की चौथी मंजिल पर हंगामा शुरू कर दिया।
इलाज में लापरवाही का आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल स्टाफ ने मरीज को समय पर नहीं देखा और डॉक्टर भी समय पर उपलब्ध नहीं हुए। उनका कहना है कि यदि समय पर उचित इलाज मिलता तो महिला की जान बच सकती थी।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि इलाज के दौरान उन्हें अस्पताल से बाहर की दवाएं लाने के लिए कहा गया, जिससे उनका गुस्सा और बढ़ गया।

अन्य मरीजों को भी दी चेतावनी
हंगामे के दौरान परिजनों ने चौथी मंजिल पर भर्ती अन्य मरीजों और उनके परिजनों से भी कहा कि अगर वे अपने मरीजों की जान बचाना चाहते हैं तो जिला अस्पताल में इलाज कराने के बजाय उन्हें घर ले जाएं या निजी अस्पताल में इलाज कराएं।
पुलिस ने कराया मामला शांत
करीब एक घंटे तक चले हंगामे की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों को समझाइश देकर स्थिति को शांत कराया। इसके बाद परिजन महिला के शव को अपने साथ लेकर घर चले गए।

मामले की जानकारी जुटाई जा रही
फिलहाल इस घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन और पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटा रहे हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।