दतिया। भारतीय बौद्ध महासभा की जिला शाखा दतिया ने मंगलवार को महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन के समर्थन में प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अपर कलेक्टर महेंद्र सिंह कवचे को ज्ञापन देकर मांग की कि बिहार के बोधगया स्थित ऐतिहासिक Mahabodhi Mahavihara को मुक्त कर बौद्ध समाज को सौंपा जाए।
आंदोलन के समर्थन में उठाई आवाज
भारतीय बौद्ध महासभा के पदाधिकारियों ने ज्ञापन में कहा कि महाबोधि महाविहार बौद्ध धर्म का सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र स्थल है। इसी स्थान पर भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी, इसलिए यह स्थल बौद्ध अनुयायियों की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
उन्होंने मांग की कि इस पवित्र स्थल का प्रबंधन पूरी तरह बौद्ध समुदाय को सौंपा जाए और इसके लिए सरकार आवश्यक कदम उठाए।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन में महाबोधि महाविहार से जुड़े प्रबंधन और नियंत्रण के मुद्दे पर पुनर्विचार करने की बात कही गई।
पदाधिकारियों का कहना था कि महाबोधि महाविहार को बौद्ध समाज के अधिकार में देना उनके धार्मिक और सांस्कृतिक अधिकारों से जुड़ा विषय है।
ये लोग रहे मौजूद
इस दौरान भारतीय बौद्ध महासभा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इनमें प्रदेश उपाध्यक्ष एडवोकेट सिद्धार्थ गौतम, जिला अध्यक्ष गुलाव सिंह जाटव, केसी सिरोलिया, एडवोकेट पातीराम सिद्धार्थ, एडवोकेट शनि अहिरवार, देशराज पवैया, शिवदयाल गौतम, विजय सिंह अहिरवार सहित अन्य लोग शामिल रहे।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन के समर्थन में अपनी एकजुटता भी जताई।