
सागर, मध्यप्रदेश। जैसीनगर की प्रतिभाशाली छात्रा आरजू सिंह दांगी ने मध्यप्रदेश बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य स्तर पर 7वीं रैंक और सागर जिले में प्रथम स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि के साथ आरजू ने न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे समाज, नगर और जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस सफलता पर पूर्व गृहमंत्री और खुरई विधायक श्री भूपेंद्र सिंह ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
आरजू, जैसीनगर निवासी श्री ब्रजेश सिंह दांगी की सुपुत्री हैं। उन्होंने एमपी बोर्ड की 12वीं परीक्षा में 500 में से 477 अंक प्राप्त किए, जो उनकी मेहनत, लगन और प्रतिभा का प्रमाण है। इस शानदार प्रदर्शन के बाद आरजू ने अपने परिजनों के साथ पूर्व गृहमंत्री श्री भूपेंद्र सिंह से उनके निवास पर मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान श्री सिंह ने आरजू को मिठाई खिलाकर उनकी उपलब्धि की सराहना की और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करते हुए मार्गदर्शन प्रदान किया।

श्री भूपेंद्र सिंह ने इस अवसर पर कहा कि आरजू की यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1993 से 2003 तक, जब वे सुरखी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे, तब से आरजू के परिवार के साथ उनके आत्मीय संबंध रहे हैं। उन्होंने आरजू की लगन और उनके परिवार के समर्थन की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह सफलता अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणादायक है।
मुलाकात के दौरान आरजू ने श्री भूपेंद्र सिंह को बताया कि उन्होंने नीट (NEET) परीक्षा दी है और उनका लक्ष्य एमबीबीएस पाठ्यक्रम में दाखिला लेकर चिकित्सा के क्षेत्र में अपना करियर बनाना है। आरजू की इस महत्वाकांक्षा की सराहना करते हुए श्री सिंह ने उन्हें अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर आरजू के पिता श्री ब्रजेश सिंह दांगी और वरिष्ठ नेता श्री लखन सिंह कुसमगढ़ भी उपस्थित थे। श्री ब्रजेश सिंह ने अपनी बेटी की सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि आरजू ने कठिन परिश्रम और अनुशासन के साथ यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने पूर्व गृहमंत्री श्री भूपेंद्र सिंह का आभार जताया, जिन्होंने इस विशेष क्षण में उनकी बेटी को सम्मानित किया और मार्गदर्शन प्रदान किया।
आरजू की इस उपलब्धि ने जैसीनगर और सागर जिले में खुशी की लहर दौड़ा दी है। स्थानीय निवासियों और शिक्षकों ने भी उनकी इस सफलता की सराहना की है। आरजू ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और शुभचिंतकों को दिया है। उन्होंने कहा कि वे भविष्य में भी इसी तरह मेहनत जारी रखेंगी और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगी।

यह खबर न केवल आरजू की व्यक्तिगत उपलब्धि को दर्शाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन, पारिवारिक समर्थन और कठिन परिश्रम से कोई भी अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकता है। आरजू की यह कहानी निश्चित रूप से अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।