भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया सैन्य टकराव ने देशभर में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। जम्मू, पंजाब और राजस्थान सीमा पर हमले के बाद देश के हर राज्य में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। मध्यप्रदेश भी इस संकट के समय में अत्यधिक सतर्कता बरत रहा है। राज्य के कई प्रमुख शहरों में सख्त सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। खासकर इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और बैतूल में प्रशासन युद्ध जैसी तैयारियों में जुट गया है।

इंदौर में सख्ती: सभी आयोजन बिना अनुमति रद्द
इंदौर में पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने 4 जुलाई 2025 तक किसी भी सार्वजनिक आयोजन या भीड़-भाड़ वाले कार्यक्रम पर रोक लगा दी है। यह आदेश भारतीय नागरिक संहिता की धारा 163 के तहत जारी किया गया है। उल्लंघन करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आदेश का उद्देश्य किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और शांति व्यवस्था बनाए रखना है।
बैतूल में पुलिस बल पूरी तरह सक्रिय: छुट्टियां रद्द
बैतूल जिले में सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियों को रद्द कर दिया गया है। अब केवल अति आवश्यक परिस्थितियों में ही वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति से छुट्टी मिलेगी। यह निर्णय जिले की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए लिया गया है। जिले में निरंतर फ्लैग मार्च और नाकेबंदी की जा रही है।

भोपाल में देशभक्ति का जज़्बा: बोट क्लब पर तिरंगा लहराया
राजधानी भोपाल के नागरिकों में देशभक्ति का गहरा उत्साह देखने को मिला। शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में लोग बोट क्लब पर स्थित सुदर्शन चक्र टैंक पर चढ़े और वहां तिरंगा लहराया। “वंदे मातरम्” और “भारत माता की जय” के नारे लगे। लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की और कहा कि अब आतंकवाद को जड़ से खत्म करने का समय आ गया है।
ग्वालियर में शहर स्तरीय अलार्म प्रणाली: 66 वार्डों की मैपिंग
ग्वालियर में प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट और कमिश्नर मनोज खत्री के निर्देश पर 66 वार्डों की मैपिंग कर ली गई है। प्रत्येक वार्ड में सायरन लगाने की योजना बनाई गई है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में पूरे शहर को एक साथ अलर्ट किया जा सके। यह व्यवस्था किसी भी वायु हमले या आतंकी गतिविधि के समय तत्काल चेतावनी देने के लिए प्रभावी साबित होगी।

इंदौर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन का राष्ट्रभक्ति पूर्ण कदम
इंदौर ट्रक ऑपरेटर्स एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर भारतीय सेना को 7.5 लाख ट्रक उपलब्ध कराने की पेशकश की है। संगठन के अध्यक्ष सी.एल. मुकाती ने 8 मई को यह पत्र जारी किया। उनका कहना है कि यह ट्रक सेना के रसद और साजो-सामान पहुंचाने में सहयोग करेंगे। यह कदम देश की सेवा में निजी क्षेत्र की भागीदारी का सशक्त उदाहरण है।
मध्यप्रदेश सरकार और जनता, दोनों इस कठिन समय में पूरी तरह सजग हैं। एक ओर प्रशासन सख्त सुरक्षा इंतज़ामों में जुटा है, वहीं आम जनता का राष्ट्रप्रेम और सहयोग देश के जज़्बे को और मजबूत कर रहा है। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और बैतूल जैसे शहर युद्ध जैसी तैयारियों के साथ यह संदेश दे रहे हैं कि भारत किसी भी चुनौती का डटकर सामना करने को तैयार है।
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
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