मध्यप्रदेश के सागर जिले में मार्च माह के अंतिम दिनों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। सोमवार रात को गरज-चमक के साथ हुई झमाझम बारिश ने जहां गर्मी से राहत दी, वहीं मंगलवार सुबह से धूप-छांव का मिलाजुला मौसम बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में सक्रिय आंधी-बारिश के सिस्टम के कारण अगले कुछ दिनों तक इसी तरह का मौसम बना रह सकता है।
सोमवार को दिनभर सागर में तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान किया। दोपहर के समय तापमान काफी अधिक रहा, जिससे लोगों को गर्मी का एहसास हुआ। हालांकि, देर रात अचानक मौसम बदला और तेज हवाएं चलने लगीं। इसके बाद गरज-चमक के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। लगभग 15 मिनट तक हुई इस बारिश ने शहर के कई हिस्सों को तर कर दिया। सड़कों पर पानी बहने लगा और मौसम में ठंडक घुल गई।

बारिश का असर इतना तेज था कि शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। खासतौर पर सिविल लाइन क्षेत्र में बिजली गुल हो गई, जिससे लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा। हालांकि, बारिश थमने के बाद धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हुई।
वर्षा के आंकड़ों की बात करें तो सागर शहर में 2.7 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं बीना में सबसे ज्यादा 12.2 मिमी वर्षा हुई। इसके अलावा मालथौन में 3 मिमी और केसली में 2.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। यह बारिश भले ही कम समय के लिए हुई, लेकिन इसका प्रभाव पूरे जिले में देखा गया।
बारिश के कारण रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, सागर में न्यूनतम तापमान में करीब 3 डिग्री सेल्सियस की कमी आई है। मंगलवार सुबह अधिकतम तापमान लगभग 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। दिनभर आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही, जिससे कभी तेज धूप तो कभी छांव का माहौल बना रहा।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बदलाव के पीछे अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी जिम्मेदार है। इन दोनों दिशाओं से आने वाली नम हवाओं के कारण प्रदेश में आंधी और बारिश की स्थिति बन रही है। इसका असर सिर्फ सागर ही नहीं, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में देखने को मिल रहा है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भी पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में सागर जिले में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। आसमान में हल्के से मध्यम बादल छाए रह सकते हैं और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना भी है।

इसके अलावा, 2 अप्रैल को एक और नया सिस्टम सक्रिय होने की संभावना जताई गई है। यह सिस्टम पश्चिमी विक्षोभ के रूप में उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा, जिसका असर मध्यप्रदेश के मौसम पर भी पड़ेगा। इसके चलते 3 अप्रैल को सागर सहित आसपास के क्षेत्रों में फिर से बारिश होने की संभावना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह का मौसम परिवर्तन मार्च के अंतिम सप्ताह में असामान्य नहीं है, लेकिन इस बार सिस्टम थोड़ा अधिक सक्रिय नजर आ रहा है। इससे जहां दिन के तापमान में गिरावट आएगी, वहीं किसानों के लिए भी यह मौसम महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। हालांकि, तेज हवाएं और अचानक बारिश कुछ फसलों को नुकसान भी पहुंचा सकती हैं।
स्थानीय लोगों ने बारिश के बाद मौसम में आई ठंडक को राहतभरा बताया। लंबे समय से पड़ रही गर्मी के बाद इस बदलाव ने लोगों को सुकून दिया है। हालांकि, बिजली कटौती और अचानक मौसम बदलने से कुछ परेशानियां भी सामने आई हैं।
कुल मिलाकर, सागर में फिलहाल मौसम का मिजाज बदला हुआ है। आने वाले तीन दिनों तक धूप, बादल और बारिश का यह मिश्रित दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या में बदलाव करें और अचानक होने वाले मौसम परिवर्तन के लिए तैयार रहें।