मध्य प्रदेश के सागर जिले के केसली क्षेत्र में आंगनवाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर संदीप जी.आर. के निर्देश पर एसडीएम राजनंदनी शर्मा ने आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-7, केसली का औचक निरीक्षण किया।
व्यवस्थाओं का किया विस्तृत निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने आंगनवाड़ी केंद्र की समग्र व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई, पोषण आहार, साफ-सफाई, स्टाफ की उपस्थिति और कार्यप्रणाली सहित विभिन्न पहलुओं की जांच की।
इस दौरान उन्होंने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि केंद्र पर बच्चों को मिलने वाली सभी सुविधाएं शासन के निर्देशों के अनुरूप हैं या नहीं।

बच्चों के साथ बैठकर परखी पढ़ाई
निरीक्षण के दौरान एसडीएम राजनंदनी शर्मा बच्चों के बीच बैठीं और उनकी पढ़ाई का जायजा लिया। उन्होंने बच्चों से बातचीत कर उनकी सीखने की क्षमता और समझ का आकलन किया।
उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से यह भी पूछा कि बच्चों को रोजाना कौन-कौन सी गतिविधियां कराई जाती हैं और किस प्रकार उन्हें खेल-खेल में शिक्षा दी जा रही है।
पोषण आहार की गुणवत्ता पर जोर
एसडीएम ने पोषण आहार से संबंधित व्यवस्थाओं की भी जांच की। उन्होंने बच्चों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, मात्रा और वितरण प्रक्रिया की जानकारी ली। साथ ही यह निर्देश दिए कि पोषण आहार में किसी भी प्रकार की कमी या लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के स्वास्थ्य और विकास के लिए संतुलित और गुणवत्तापूर्ण आहार अत्यंत आवश्यक है।
साफ-सफाई और सुविधाओं की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान केंद्र परिसर की साफ-सफाई और बच्चों के बैठने-खेलने की व्यवस्था का भी जायजा लिया गया। एसडीएम ने निर्देश दिए कि परिसर की स्वच्छता को और बेहतर बनाया जाए तथा बच्चों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि साफ-सफाई न केवल स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, बल्कि इससे बच्चों में अच्छी आदतों का भी विकास होता है।
स्टाफ को दिए आवश्यक निर्देश
एसडीएम ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को कार्यप्रणाली में सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई को अधिक आकर्षक और रोचक बनाया जाए, ताकि वे उत्साह के साथ सीख सकें।
साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि केंद्र पर सभी रिकॉर्ड और दस्तावेजों को सही ढंग से संधारित किया जाए।

प्रशासन की सतर्कता का उदाहरण
यह निरीक्षण प्रशासन की सक्रियता और बच्चों के सर्वांगीण विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आंगनवाड़ी केंद्र छोटे बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए इनकी नियमित मॉनिटरिंग जरूरी है |
केसली के आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-7 का यह निरीक्षण यह दर्शाता है कि जिला प्रशासन बच्चों के विकास से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से ले रहा है।
एसडीएम राजनंदनी शर्मा द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन से निश्चित रूप से केंद्र की व्यवस्थाओं में सुधार होगा और बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। यह कदम न केवल बच्चों के वर्तमान को बेहतर बनाएगा, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव भी मजबूत करेगा।