प्रवेश उत्सव से गूंजे सागर के स्कूल, नए सत्र का उत्साहपूर्ण आगाज !

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सागर जिले में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत पूरे उत्साह और धूमधाम के साथ हुई। जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में “स्कूल चलें हम” अभियान के अंतर्गत प्रवेश उत्सव मनाया गया, जिसने शिक्षा के प्रति जागरूकता और उत्साह का अनूठा वातावरण तैयार कर दिया।

कलेक्टर संदीप जी आर के निर्देशानुसार जिले के प्रत्येक विद्यालय में जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान नए विद्यार्थियों का पारंपरिक तरीके से तिलक लगाकर, फूलमाला पहनाकर और पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। स्कूल परिसरों में बच्चों की मुस्कान और अभिभावकों की खुशी ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया।

इस अवसर पर अभिभावकों को शिक्षा से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई। उन्हें नामांकन प्रक्रिया, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, छात्रवृत्ति योजनाएं, निशुल्क गणवेश, साइकिल वितरण और पाठ्य पुस्तक वितरण जैसी सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। सत्र की शुरुआत के साथ ही विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण भी शुरू कर दिया गया, जिससे उन्हें समय पर अध्ययन सामग्री उपलब्ध हो सके।

राज्य शिक्षा केंद्र के निर्देशानुसार 31 मार्च तक कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया गया है। शिक्षा पोर्टल 3.0 के माध्यम से कक्षा 2 से 8 और 9 से 11 तक के विद्यार्थियों का नामांकन भी दर्ज किया गया है। यह पहल शिक्षा के दायरे को व्यापक बनाने और हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

नए सत्र के पहले दिन कक्षा 1 से 8 तक सभी विद्यालयों में बालसभा का आयोजन किया गया। बच्चों ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया और उनके लिए विशेष भोजन की व्यवस्था भी की गई, जिससे उनका उत्साह और बढ़ गया।

“स्कूल चलें हम” अभियान 1 अप्रैल से 4 अप्रैल तक चलाया जा रहा है, जिसके तहत प्रतिदिन विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान के दूसरे दिन “भविष्य से भेंट” कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित और प्रेरणादायक व्यक्तियों को विद्यार्थियों से संवाद के लिए आमंत्रित किया जाएगा। ये अतिथि बच्चों को शिक्षा का महत्व समझाएंगे और अपने अनुभव साझा कर उन्हें प्रेरित करेंगे।

इसके अलावा, अभियान के अंतर्गत सांस्कृतिक और खेल-कूद गतिविधियों का भी आयोजन किया जाएगा। इन गतिविधियों का उद्देश्य न केवल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना है, बल्कि अभिभावकों को भी विद्यालय से जोड़ना है। इस दौरान पालक-शिक्षक बैठकों का आयोजन कर अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई और विद्यालय की योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।

जिन विद्यार्थियों की पिछले सत्र में 85 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति रही है, उनके पालकों को भी सम्मानित किया जाएगा। यह पहल नियमित उपस्थिति को प्रोत्साहित करने के लिए की जा रही है।

अभियान के अंतिम दिन 4 अप्रैल को “हार के आगे जीत” कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें ऐसे विद्यार्थियों की पहचान की जाएगी, जो किसी कारणवश कक्षा में उत्तीर्ण नहीं हो सके। उनके अभिभावकों को समझाइश दी जाएगी कि वे बच्चों को निरंतर प्रयास के लिए प्रेरित करें और शिक्षा से जोड़कर रखें। साथ ही शाला प्रबंधन एवं विकास समिति की बैठक आयोजित कर शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई जाएगी।

जिले के विभिन्न विद्यालयों — जैसे शासकीय हाई स्कूल मेंनपानी, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बमोरी बीका, हिलगन, गौरनगर, बगराज तिली और मकरोनिया — में भी उत्साहपूर्वक प्रवेश उत्सव मनाया गया। इन विद्यालयों के प्राचार्यों और शिक्षकों ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित किया और अभिभावकों के साथ संवाद स्थापित किया।

इस प्रकार सागर जिले में प्रवेश उत्सव के माध्यम से नए शैक्षणिक सत्र का यह शुभारंभ न केवल औपचारिक शुरुआत रहा, बल्कि यह शिक्षा के प्रति जागरूकता, प्रेरणा और सामुदायिक भागीदारी का सशक्त उदाहरण भी बनकर उभरा। जिले भर में फैला यह उत्साह इस बात का संकेत है कि शिक्षा को लेकर समाज में सकारात्मक सोच और सहयोग लगातार बढ़ रहा है।

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