शहर के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल रुद्राक्ष धाम मंदिर स्थित श्री दक्षिणमुखी हनुमान जी मंदिर में अंजनीपुत्र भगवान हनुमान के प्राकट्योत्सव का पर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुबह से लेकर देर रात तक हजारों श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंजता रहा।
प्राकट्योत्सव के पावन अवसर पर कार्यक्रमों की शुरुआत प्रातः काल विशेष पूजन-अर्चन के साथ हुई। इस दौरान भूपेन्द्र सिंह, जो खुरई से विधायक भी हैं, अपने परिजनों के साथ मंदिर पहुंचे और विधिवत अभिषेक, पूजन तथा आरती कर आयोजन का शुभारंभ किया। उन्होंने भगवान हनुमान से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की।
मंदिर में तड़के से ही धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला प्रारंभ हो गया था। अखंड रामायण का सस्वर पाठ पूरे दिन चलता रहा, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। भजन, मंत्रोच्चार और धार्मिक ध्वनियों से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। भक्तों ने पूरे दिन भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

विशेष आकर्षण के रूप में भगवान हनुमान को 56 प्रकार के भोग अर्पित किए गए। इसके पश्चात श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया गया, जिसे भक्तों ने श्रद्धा भाव से ग्रहण किया। मंदिर प्रबंधन द्वारा व्यवस्था इतनी सुव्यवस्थित रखी गई कि हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं को दर्शन करने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।
संध्या समय मंदिर परिसर में आयोजित भजन संध्या ने कार्यक्रम में और भी रंग भर दिया। “राधे-राधे मंडल” द्वारा प्रस्तुत भजनों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भक्तगण भक्ति रस में डूबकर भजनों का आनंद लेते रहे और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
संध्या आरती के समय मंदिर परिसर में सैकड़ों श्रद्धालु एकत्रित हुए। दीपों की रोशनी, घंटियों की ध्वनि और सामूहिक आरती ने एक अलौकिक दृश्य प्रस्तुत किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान हनुमान की आराधना कर अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

मंदिर परिसर को इस विशेष अवसर पर आकर्षक ढंग से सजाया गया था। रंग-बिरंगी एलईडी लाइटों, ध्वजाओं और फूलों की सजावट ने पूरे क्षेत्र को उत्सवमय बना दिया। रात होते-होते मंदिर की भव्यता और भी निखर कर सामने आई, जिससे श्रद्धालु विशेष रूप से आकर्षित हुए।
दर्शन का क्रम देर रात लगभग 11 बजे तक लगातार जारी रहा। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर भगवान हनुमान के दर्शन किए और पुण्य लाभ अर्जित किया। प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे, जिससे व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रही।
इस पूरे आयोजन के दौरान भूपेन्द्र सिंह स्वयं दिनभर मंदिर परिसर में उपस्थित रहे और व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। उनकी सक्रिय भागीदारी और सेवा भावना को श्रद्धालुओं ने सराहा।

कार्यक्रम में शहर के अनेक गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हुए। सभी ने भगवान हनुमान के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया और समाज में सुख-शांति की कामना की।
समग्र रूप से यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को सुदृढ़ करने का माध्यम भी बना। रुद्राक्षधाम स्थित श्री दक्षिणमुखी हनुमान जी मंदिर में आयोजित यह प्राकट्योत्सव भक्तों के लिए एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बन गया, जिसकी गूंज लंबे समय तक शहर में सुनाई देती रहेगी।