धार्मिक उत्सव के बीच खुशियां मातम में बदल गईं जब हनुमान जयंती के अवसर पर निकाली जा रही शोभायात्रा में एक दर्दनाक हादसा हो गया। मकरोनिया क्षेत्र में गुरुवार देर रात डीजे वाहन का साउंड सिस्टम और लोहे का फ्रेम टूटकर गिर गया, जिससे एक 14 वर्षीय नाबालिग की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग घायल हो गए।
कैसे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, हनुमान प्रकटोत्सव के अवसर पर मकरोनिया इलाके में भव्य शोभायात्रा निकाली जा रही थी। बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल होकर नाच-गाना कर रहे थे। जब यह शोभायात्रा कृष्णानगर क्षेत्र में होटल पैराडाइज के पास पहुंची, तभी अचानक एक स्पीड ब्रेकर आया।
जैसे ही डीजे वाहन ब्रेकर से गुजरा, वाहन के पीछे लगा भारी साउंड सिस्टम और उसका लोहे का फ्रेम संतुलन खो बैठा और अचानक टूटकर नीचे गिर गया। उस समय कई युवक डीजे के पीछे नाच रहे थे, जो सीधे इसकी चपेट में आ गए।

नाबालिग की मौके पर मौत
हादसे में कुल 6 लोग घायल हुए। सभी को तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन 14 वर्षीय आर्यन कुर्मी, निवासी रजाखेड़ी, को सिर में गंभीर चोट लगी थी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई। परिवार में मातम छा गया और उत्सव का माहौल अचानक गम में बदल गया।
घायलों का चल रहा इलाज
हादसे में घायल हुए लोगों में शामिल हैं:
- समीर कुचबंदिया (28) – बहेरिया
- कुलदीप राठौर (22) – सिरोंजा
- सुमित यादव (25) – पुरानी मकरोनिया
- कोमल अहिरवार (25) – रजाखेड़ी
- सत्यम वाल्मीकि (18) – मकरोनिया
सभी घायलों का इलाज निजी अस्पताल में जारी है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
मौके पर मची अफरा-तफरी
जैसे ही डीजे का भारी साउंड और फ्रेम नीचे गिरा, वहां अफरा-तफरी मच गई। लोग घबराकर इधर-उधर भागने लगे। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना के बाद मकरोनिया पुलिस ने डीजे वाहन को जब्त कर लिया है। प्रारंभिक जांच में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है, खासकर भारी साउंड सिस्टम को सही तरीके से फिट न करने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
सीएमपी योगेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे ने धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर शोभायात्राओं में भारी डीजे, ऊंचे फ्रेम और अस्थायी संरचनाएं बिना सुरक्षा मानकों के इस्तेमाल की जाती हैं, जो कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकती हैं।

सीख लेने की जरूरत
यह घटना एक चेतावनी है कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी भारी पड़ सकती है। आयोजकों को चाहिए कि वे ऐसे उपकरणों की मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित करें, वहीं प्रशासन को भी पहले से सख्त निगरानी रखनी चाहिए।
इस दर्दनाक हादसे ने एक परिवार से उनका बच्चा छीन लिया और कई लोगों को घायल कर दिया। अब जरूरत है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि त्योहारों की खुशियां यूं मातम में न बदलें।