डोहेला महोत्सव में अकासा सिंह की धमाकेदार प्रस्तुति !

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खुरई। डोहेला महोत्सव-2026 के दूसरे दिन खुरई का किला मैदान संगीत, संस्कृति और उत्साह से सराबोर नजर आया। बॉलीवुड की प्रसिद्ध पार्श्वगायिका अकासा सिंह की शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों के उत्साह को चरम पर पहुंचा दिया। हजारों की संख्या में मौजूद लोगों ने उनके गीतों पर जमकर आनंद लिया और पूरा वातावरण संगीत की धुनों से गूंज उठा।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सांसद एवं भाजपा की प्रदेश महामंत्री लता वानखेड़े ने युवा भाजपा नेता अविराज सिंह के साथ मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने डोहेला महोत्सव की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह आयोजन खुरई की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोकजीवन का प्रतीक है।

सांसद लता वानखेड़े ने अपने संबोधन में कहा कि पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने इस महोत्सव की परंपरा को पुनर्जीवित कर इसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि भूपेन्द्र सिंह के नेतृत्व में खुरई ने विकास की नई गाथा लिखी है और आज यह नगर विकसित एवं आत्मनिर्भर बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि भूपेन्द्र सिंह का क्षेत्र के प्रति प्रेम और समर्पण अद्वितीय है।

उन्होंने डोहेला किले के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए बताया कि इस किले का निर्माण 1707 में दांगी वंश के प्रतापी राजा खेमचंद्र दांगी द्वारा कराया गया था, जो आज भी क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि डोहेला महोत्सव आज सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता का प्रतीक बन चुका है।

सांसद ने सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए बताया कि भूपेन्द्र सिंह द्वारा शुरू की गई परंपरा के तहत फूल-मालाओं के स्थान पर जरूरतमंदों के लिए उपयोगी सामग्री से स्वागत किया जाता है। अब तक लगभग 40 लाख रुपये की सामग्री जरूरतमंदों में वितरित की जा चुकी है। इसके अलावा, उनके जन्मदिन पर आयोजित रक्तदान शिविरों में अब तक 14 हजार यूनिट रक्त एकत्रित किया गया है। उन्होंने बेटियों के लिए छात्रावास निर्माण और निःशुल्क सामूहिक विवाह जैसे कार्यों को भी समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

युवा भाजपा नेता अविराज सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि डोहेला महोत्सव की शुरुआत वर्ष 2015 में मकर संक्रांति से हुई थी। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव ने खुरई को एक नई पहचान दी है और आज यह आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर बन चुका है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने और सांस्कृतिक मूल्यों को समझने का अवसर प्रदान करते हैं।

उन्होंने कहा कि डोहेला महोत्सव केवल एक मेला नहीं, बल्कि एक ऐसा सांस्कृतिक मंच है जो समाज के सभी वर्गों को एक सूत्र में पिरोता है। यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखता है, बल्कि स्थानीय व्यापारियों और युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्रदान करता है। उन्होंने इसे “संगीत और संस्कृति का महाकुंभ” बताते हुए कहा कि इसने खुरई को वैश्विक पहचान दिलाई है।

दूसरे दिन का मुख्य आकर्षण रही अकासा सिंह की प्रस्तुति ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने “ओ साकी साकी”, “खींच मेरी फोटो”, “कुड़ी गुजरात दी” और “दिल ना जानेया” जैसे लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति देकर माहौल को रोमांचित कर दिया। जैसे ही उन्होंने अपने हिट गानों की शुरुआत की, युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला और पूरा किला मैदान तालियों और जयकारों से गूंज उठा।

कार्यक्रम में लगभग एक लाख से अधिक दर्शकों की उपस्थिति रही, जिससे किला मैदान खचाखच भरा नजर आया। आयोजन की भव्यता और सुव्यवस्था ने सभी को प्रभावित किया।

महोत्सव के समापन दिवस पर प्रसिद्ध गायक नीरज श्रीधर की प्रस्तुति होगी, जिसका लोगों को बेसब्री से इंतजार है। नीरज श्रीधर अपने लोकप्रिय गीतों के माध्यम से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान सांसद लता वानखेड़े का स्वागत अधिराज सिंह एवं नपा अध्यक्ष श्रीमती नन्हीं बाई अहिरवार द्वारा स्टेशनरी सामग्री भेंट कर किया गया। मंच पर भाजपा मंडल अध्यक्ष राहुल चौधरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

डोहेला महोत्सव-2026 का यह आयोजन न केवल मनोरंजन का केंद्र बना हुआ है, बल्कि यह खुरई की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करने और समाज में एकता व समरसता को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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