जिले में एचपीवी टीकाकरण अभियान को मिली गति !

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जिले में किशोरी बालिकाओं को गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। कलेक्टर श्री संदीप जी आर के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान के अंतर्गत अब तक जिले की 14,456 पात्र बालिकाओं को वैक्सीन लगाई जा चुकी है, जो कि निर्धारित लक्ष्य का 58.87 प्रतिशत है।

जिला प्रशासन द्वारा इस अभियान को मिशन मोड में चलाया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक किशोरियों को समय रहते इस घातक बीमारी से सुरक्षित किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग के समन्वय से टीकाकरण कार्य को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है।

🎯 शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश

जिला पंचायत सीईओ श्री विवेक के वी ने टीकाकरण की ब्लॉक-वार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जिले का शत-प्रतिशत लक्ष्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह केवल एक स्वास्थ्य अभियान नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ी को सुरक्षित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कोई भी पात्र बालिका टीकाकरण से वंचित नहीं रहनी चाहिए। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने और जमीनी स्तर पर जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

📊 ब्लॉक-वार टीकाकरण की स्थिति

जिले के विभिन्न विकासखंडों में टीकाकरण की स्थिति इस प्रकार है—

  • सागर नगर – 1718 बालिकाएं
  • शाहपुर – 1561 बालिकाएं
  • बंडा – 1543 बालिकाएं
  • रहली – 1498 बालिकाएं
  • राहतगढ़ – 1206 बालिकाएं
  • शाहगढ़ – 1101 बालिकाएं
  • केसली – 1081 बालिकाएं
  • देवरी – 1077 बालिकाएं
  • खुरई – 999 बालिकाएं
  • जैसीनगर – 964 बालिकाएं
  • बीना – 944 बालिकाएं
  • मालथौन – 764 बालिकाएं

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि कुछ ब्लॉकों में बेहतर प्रगति हो रही है, जबकि कुछ क्षेत्रों में अपेक्षाकृत धीमी गति से कार्य हो रहा है।

⚠️ धीमी प्रगति वाले क्षेत्रों में विशेष प्रयास

सीईओ श्री विवेक के वी ने निर्देश दिए कि जिन ब्लॉकों में टीकाकरण की गति धीमी है, वहां विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएं। साथ ही, स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से अधिक से अधिक बालिकाओं तक पहुंच सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्रीय अधिकारी घर-घर संपर्क कर अभिभावकों को इस वैक्सीन के महत्व के बारे में जागरूक करें, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रांतियों को दूर किया जा सके।

👨‍👩‍👧 अभिभावकों से सहयोग की अपील

जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी 14 से 15 वर्ष की बेटियों को टीकाकरण केंद्र तक अवश्य लाएं। यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है, जो भविष्य में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर से बचाव में अत्यंत प्रभावी साबित होती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, एचपीवी वायरस इस प्रकार के कैंसर का प्रमुख कारण होता है और समय पर टीकाकरण कराने से इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

🏥 समन्वित प्रयास से मिल रही सफलता

इस अभियान की सफलता के पीछे विभिन्न विभागों का समन्वय महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीकाकरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग और शिक्षा विभाग के माध्यम से लक्षित समूह तक पहुंच बनाई जा रही है।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता और स्कूल शिक्षक भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं और घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं।

🌟 जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार

विशेषज्ञों का मानना है कि कैंसर जैसी बीमारियों से बचाव के लिए जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण है। एचपीवी टीकाकरण न केवल एक चिकित्सा उपाय है, बल्कि यह समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी माध्यम बन रहा है।

जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि आने वाले समय में जिले की सभी पात्र बालिकाओं को इस वैक्सीन का लाभ मिले और सागर जिला इस अभियान में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर एक उदाहरण प्रस्तुत करे।


सागर जिले में चल रहा एचपीवी टीकाकरण अभियान एक सराहनीय पहल है, जो बालिकाओं के उज्ज्वल और स्वस्थ भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। प्रशासन की सक्रियता, विभागों के समन्वय और समाज के सहयोग से यह लक्ष्य जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है।

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