सागर पुलिस ने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए जनसुनवाई के दौरान एक 75 वर्षीय बुजुर्ग का खोया हुआ बैग खोजकर सुरक्षित वापस कर दिया। इस बैग में खेती और बैंक से जुड़े महत्वपूर्ण मूल दस्तावेज रखे हुए थे, जिनका मिलना बुजुर्ग के लिए अत्यंत जरूरी था।
यह घटना 7 अप्रैल 2026 की है, जब पुलिस कंट्रोल रूम सागर में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति बेहद भावुक और घबराई हुई स्थिति में पहुंचे। उन्होंने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश कुमार सिन्हा और नगर पुलिस अधीक्षक ललित कश्यप को बताया कि वे सुबह 6 बजे इलाहाबाद से बस द्वारा सागर पहुंचे थे। बस स्टैंड से घर जाने के लिए ऑटो में बैठने के दौरान तीन बत्ती क्षेत्र में ऑटो बदलते समय उनका बैग छूट गया।

मामले की गंभीरता को समझते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान को मामले की जिम्मेदारी सौंपी। इसके बाद कंट्रोल रूम टीम ने तेजी से काम शुरू किया। प्रधान आरक्षक उर्मिला और आरक्षक रचना अहिरवार को सीसीटीवी फुटेज खंगालने का कार्य सौंपा गया, वहीं सोशल मीडिया और पुलिस नेटवर्क के माध्यम से बैग की जानकारी व्यापक रूप से प्रसारित की गई।
पुलिस की सक्रियता का सकारात्मक परिणाम जल्द ही सामने आया। सूचना देखने के बाद संबंधित ऑटो चालक ने स्वयं कंट्रोल रूम से संपर्क कर बताया कि बैग उसके पास सुरक्षित है, हालांकि वह उस समय रतौना क्षेत्र में होने के कारण तत्काल नहीं आ सकता था।
इसके बाद पुलिस ने तुरंत स्टाफ को रतौना भेजकर बैग को बरामद किया और कंट्रोल रूम लाकर बुजुर्ग को सौंप दिया। बैग में रखे सभी दस्तावेज सुरक्षित पाए गए।
अपना सामान सुरक्षित वापस मिलने पर बुजुर्ग भावुक हो गए और उन्होंने सागर पुलिस का आभार व्यक्त किया। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस की तत्परता, समर्पण और जनसेवा भावना स्पष्ट रूप से देखने को मिली, जिसकी आमजन द्वारा सराहना की जा रही है।