सागर जिले में जनगणना 2027 और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार को लेकर प्रशासन ने नई पहल की है। बदलते दौर में डिजिटल प्लेटफॉर्म की बढ़ती भूमिका को देखते हुए कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी संदीप जी.आर. ने सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक का उद्देश्य आधुनिक तकनीक और सोशल मीडिया के माध्यम से अधिक से अधिक नागरिकों तक सटीक और सरल जानकारी पहुंचाना रहा, ताकि हर पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में अपर कलेक्टर अविनाश रावत, भोपाल से आए मास्टर ट्रेनर, जनसंपर्क विभाग के अधिकारी और जिले के विभिन्न सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स उपस्थित रहे। इस दौरान प्रशासन और डिजिटल क्रिएटर्स के बीच संवाद स्थापित कर एक साझा रणनीति तैयार की गई।

सोशल मीडिया बना जनसंचार का सशक्त माध्यम
कलेक्टर संदीप जी.आर. ने बैठक में कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया जनसंचार का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि यदि इसका सही दिशा में उपयोग किया जाए, तो यह समाज में जागरूकता फैलाने का सबसे तेज और व्यापक जरिया बन सकता है। उन्होंने इन्फ्लूएंसर्स से अपील की कि वे अपने-अपने प्लेटफॉर्म के जरिए सकारात्मक और प्रमाणिक जानकारी साझा करें, जिससे आमजन तक सही संदेश पहुंचे।
उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों की भागीदारी बढ़ाना आसान हो गया है, और प्रशासन इस अवसर का पूरा लाभ उठाना चाहता है।

जनगणना 2027: विकास की आधारशिला
कलेक्टर ने जनगणना 2027 के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश के भविष्य की योजना बनाने की नींव है। जनगणना से प्राप्त आंकड़े ही सरकार की नीतियों और योजनाओं को दिशा देते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक की इसमें भागीदारी आवश्यक है। इसके लिए इन्फ्लूएंसर्स को जिम्मेदारी दी गई कि वे स्व-गणना प्रक्रिया, आवश्यक तिथियों और दिशा-निर्देशों को सरल भाषा में आमजन तक पहुंचाएं और लोगों को इसमें भाग लेने के लिए प्रेरित करें।
जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सोशल मीडिया के माध्यम से विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी व्यापक स्तर पर साझा की जाएगी। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
कलेक्टर ने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि जानकारी के अभाव में पात्र लोग योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते। ऐसे में इन्फ्लूएंसर्स की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है, जो सरल और प्रभावी तरीके से जानकारी लोगों तक पहुंचा सकते हैं।

सही और प्रमाणिक जानकारी पर जोर
अपर कलेक्टर अविनाश रावत ने कहा कि किसी भी अभियान की सफलता सही जानकारी के प्रसार पर निर्भर करती है। उन्होंने इन्फ्लूएंसर्स से आग्रह किया कि वे केवल तथ्यात्मक और प्रमाणिक जानकारी ही साझा करें, ताकि लोगों में भ्रम की स्थिति न बने।
उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है और यह समाज में जागरूकता लाने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है।
जनसंपर्क विभाग की रणनीति
बैठक के दौरान जनसंपर्क विभाग द्वारा जनगणना 2027 और विभिन्न योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए बनाई जा रही रणनीति की जानकारी भी साझा की गई। विभाग ने बताया कि किस प्रकार डिजिटल कंटेंट, वीडियो, पोस्ट और अन्य माध्यमों का उपयोग कर लोगों तक जानकारी पहुंचाई जाएगी।
इन्फ्लूएंसर्स से सुझाव भी लिए गए, जिन्हें आगामी रणनीति में शामिल करने की बात कही गई। इससे यह सुनिश्चित होगा कि प्रचार अभियान अधिक प्रभावी और जनहितकारी बने।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से बढ़ेगी जनभागीदारी
इस पहल का मुख्य उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए जनभागीदारी बढ़ाना है। आज के समय में बड़ी संख्या में लोग सोशल मीडिया से जुड़े हुए हैं, ऐसे में इस माध्यम का उपयोग कर प्रशासन आसानी से लोगों तक पहुंच सकता है।
इन्फ्लूएंसर्स के जरिए जानकारी तेजी से और बड़े स्तर पर फैलती है, जिससे अधिक से अधिक लोग जागरूक होते हैं और योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आगे आते हैं।
प्रशासन और समाज के बीच सेतु
यह बैठक प्रशासन और समाज के बीच एक सेतु का कार्य भी करेगी। सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स के माध्यम से प्रशासन की योजनाएं सीधे जनता तक पहुंचेंगी, जिससे पारदर्शिता और विश्वास दोनों बढ़ेंगे।
इसके साथ ही, जनता की समस्याएं और सुझाव भी प्रशासन तक आसानी से पहुंच सकेंगे, जिससे योजनाओं में सुधार की संभावना भी बढ़ेगी।