संवेदनशील प्रशासन की मिसाल बने संदीप जी आर को भावभीनी विदाई !

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सागर जिले के निवर्तमान कलेक्टर संदीप जी आर को प्रशासनिक परिवार द्वारा भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर भावनात्मक माहौल के बीच अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके कार्यकाल को याद करते हुए उनके मार्गदर्शन, नेतृत्व और मानवीय दृष्टिकोण की सराहना की। उनका कार्यकाल अनुशासन और संवेदनशीलता के अद्भुत समन्वय के लिए लंबे समय तक याद किया जाएगा।

विदाई समारोह में वक्ताओं ने कहा कि संदीप जी आर ने यह सिद्ध किया कि संवेदनशीलता और अनुशासन एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने प्रशासन को केवल आदेश और निर्देश तक सीमित न रखते हुए उसे जनसेवा का सशक्त माध्यम बनाया। उनके कार्यकाल में समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।

अपने कार्यकाल के दौरान संदीप जी आर ने कई ऐसे नवाचार किए, जिन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक मानवीय और प्रभावी बनाया। ‘श्रद्धांजलि योजना’ के माध्यम से लंबित अनुकंपा नियुक्तियों को प्राथमिकता से पूर्ण कराया गया, जिससे कई परिवारों को राहत मिली। कलेक्टर कार्यालय में कामकाजी महिलाओं और आगंतुकों के बच्चों के लिए क्रेच (खेल कक्ष) की स्थापना भी उनकी संवेदनशील सोच का उदाहरण रही।

जनसेवा के क्षेत्र में उन्होंने विशेष रूप से दिव्यांगजनों के लिए सराहनीय पहल की। जनसुनवाई को ‘दिव्यांग फ्रेंडली’ बनाते हुए आवश्यक उपकरणों का त्वरित वितरण सुनिश्चित किया गया। इसके साथ ही गरीब और जरूरतमंद नागरिकों की सुविधा के लिए निशुल्क आवेदन लेखन की व्यवस्था शुरू की गई, जिससे हजारों लोगों को आर्थिक राहत मिली। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए विकासखंड स्तर पर जनसुनवाई की शुरुआत की गई, जिससे उन्हें जिला मुख्यालय आने की आवश्यकता कम हो गई।

कुपोषण के खिलाफ अभियान में भी उनके नेतृत्व में कई अभिनव प्रयोग किए गए। आंगनबाड़ियों में ‘मुनगा के पेड़े’ और स्कूलों में ‘रंगीन रोटी’ जैसे पोषणयुक्त आहार का वितरण कर बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार लाने का प्रयास किया गया। पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘फ्रूट फॉरेस्ट योजना’ के अंतर्गत सभी विकासखंडों में 10 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया, जो जिले को हरित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

प्रशासनिक दक्षता के क्षेत्र में भी सागर जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। सीएम हेल्पलाइन के निराकरण में जिला लगातार तीन बार प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा और पांच बार टॉप-5 में शामिल हुआ। कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और गति लाने के लिए सभी शासकीय कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई, जिससे कामकाज अधिक सुव्यवस्थित और जवाबदेह बना।

पर्यावरण और विरासत संरक्षण के क्षेत्र में भी उन्होंने महत्वपूर्ण पहल की। शासकीय कार्यालयों में प्लास्टिक बोतलों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाकर कांच के गिलासों के उपयोग को बढ़ावा दिया गया। इसके साथ ही जिले के प्राचीन तालाबों के संरक्षण के लिए उनका सीमांकन कर मुनारे बनवाए गए, जिससे जल संरचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हुई।

विदाई समारोह के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि संदीप जी आर ने केवल एक प्रशासक के रूप में ही नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक और अभिभावक के रूप में भी अपनी भूमिका निभाई। उन्होंने प्रशासनिक टीम को हमेशा प्रेरित किया और सकारात्मक कार्य संस्कृति विकसित की। उनके द्वारा शुरू की गई योजनाएं और नवाचार आने वाले समय में भी जिले के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।

इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक के वी, उप पुलिस महानिरीक्षक श्री सचिंद्रनाथ चौहान, पुलिस अधीक्षक (स्पेशल ब्रांच) श्री दिनेश कौशल, डीएफओ श्री रजनीश सिंह, छावनी मंडल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री राजकुमार खत्री, अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

समारोह का समापन भावुक माहौल में हुआ, जहां सभी ने संदीप जी आर के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उनके कार्यकाल को सागर जिले में संवेदनशील, पारदर्शी और नवाचार आधारित प्रशासन की मिसाल के रूप में हमेशा याद किया जाएगा।

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