सागर में पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत जनस्वास्थ्य और पोषण जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सेक्टर-4, परियोजना सागर शहरी-1 के आंगनवाड़ी पंतनगर केंद्र में एक व्यापक पोषण मेले का आयोजन किया गया। यह आयोजन प्रतिभा पाल के निर्देशन में संपन्न हुआ, जिसमें महिलाओं और बच्चों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
इस पोषण मेले का मुख्य उद्देश्य 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों तथा महिलाओं को संतुलित आहार के महत्व, कुपोषण से बचाव के उपायों और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के प्रति जागरूक करना था। वर्तमान समय में कुपोषण एक गंभीर समस्या के रूप में उभर रहा है, खासकर ग्रामीण और शहरी निम्न आय वर्गों में। ऐसे में इस प्रकार के आयोजन समाज में जागरूकता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बनते हैं।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा उपस्थित हितग्राहियों को यह समझाया गया कि संतुलित आहार में किन-किन पोषक तत्वों का होना आवश्यक है। बच्चों के लिए प्रोटीन, विटामिन, आयरन और कैल्शियम युक्त भोजन कितना जरूरी है, इस पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही महिलाओं, विशेषकर गर्भवती और धात्री माताओं के लिए पोषण के महत्व को विस्तार से बताया गया।
मेले में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों के उपयोग पर भी विशेष ध्यान दिया गया। कार्यकर्ताओं ने बताया कि महंगे और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों की बजाय घर में आसानी से उपलब्ध अनाज, दालें, हरी सब्जियां, फल और दूध जैसे पदार्थों से भी पौष्टिक आहार तैयार किया जा सकता है। इस प्रकार का आहार न केवल सस्ता होता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी अधिक लाभकारी होता है।
स्वच्छता और स्वास्थ्य जांच के महत्व को भी कार्यक्रम में प्रमुखता से रखा गया। उपस्थित लोगों को बताया गया कि नियमित हाथ धोना, साफ पानी का उपयोग, और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना बीमारियों से बचाव के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही बच्चों और महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच कराने पर भी जोर दिया गया, ताकि किसी भी समस्या का समय रहते पता चल सके और उसका उचित उपचार किया जा सके।

इस अवसर पर पर्यवेक्षक स्वाति राय सहित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रेखा, रेशमा चौरसिया, शशि, निर्मला, सरोज, रेशमा कोरी एवं सहायिका लक्ष्मी की सक्रिय उपस्थिति रही। इन सभी ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने न केवल जानकारी दी, बल्कि व्यवहारिक रूप से भी यह दिखाया कि कैसे घर पर पौष्टिक भोजन तैयार किया जा सकता है।
पोषण मेले में बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों की सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि समाज में स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। महिलाओं ने कार्यक्रम में रुचि दिखाते हुए विभिन्न विषयों पर प्रश्न भी पूछे और अपने अनुभव साझा किए। इससे यह स्पष्ट होता है कि ऐसे आयोजन लोगों को जोड़ने और उन्हें शिक्षित करने में प्रभावी साबित हो रहे हैं।
पोषण पखवाड़ा जैसे अभियान का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि व्यवहार में परिवर्तन लाना भी है। जब महिलाएं और परिवार पोषण के महत्व को समझते हैं और उसे अपने दैनिक जीवन में अपनाते हैं, तभी इसका वास्तविक लाभ मिलता है। इस दिशा में यह पोषण मेला एक सकारात्मक कदम है।
कुल मिलाकर, सेक्टर-4 पंतनगर में आयोजित यह पोषण मेला स्वास्थ्य जागरूकता का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। इस प्रकार के आयोजनों से न केवल कुपोषण जैसी समस्याओं से निपटने में मदद मिलती है, बल्कि समाज को एक स्वस्थ और सशक्त भविष्य की ओर भी अग्रसर किया जा सकता है।