बिजली चोरी पर सागर में कड़ा शिकंजा, 8 टीमें दिन-रात कर रहीं कार्रवाई !

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सागर में बिजली चोरी पर नियंत्रण के लिए विद्युत विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए व्यापक स्तर पर सघन चेकिंग अभियान शुरू किया है। इस अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए अब दिन के साथ-साथ रात्रि में भी जांच की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को तुरंत पकड़ा जा सके। विभाग द्वारा गठित 8 विशेष टीमें लगातार शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण कर रही हैं और बिजली चोरी के मामलों पर त्वरित कार्रवाई कर रही हैं।

कार्यपालन यंत्री इमरान खान ने बताया कि यह अभियान मुख्य अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य बिजली चोरी पर पूरी तरह रोक लगाना और वैध उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां भी चोरी पकड़ी जा रही है, वहां मौके पर ही कनेक्शन काटने के साथ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

अभियान के तहत शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग अधिकारियों के नेतृत्व में टीमें कार्य कर रही हैं। मकरोनिया क्षेत्र में सहायक यंत्री एम.के. मंडलोई, पावर हाउस क्षेत्र में कृष्ण कुमार पटेल, सिविल लाइन क्षेत्र में शैलेश सुमन तथा सदर क्षेत्र में लखन अहिरवार की निगरानी में टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। इन क्षेत्रों में विशेष रूप से उन स्थानों पर ध्यान दिया जा रहा है, जहां पहले भी बिजली चोरी की शिकायतें सामने आई थीं।

हाल ही में मकरोनिया क्षेत्र के 11 केवी ढाना फीडर अंतर्गत बड़तूमा इलाके में एल.टी. पोल से अवैध रूप से डोरी डालकर बिजली उपयोग करते हुए कई लोगों को पकड़ा गया। इस मामले में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की गई। इसी तरह 22 अप्रैल को सिविल लाइन जोन में न्यूट्रल से बिजली चोरी करते पाए जाने पर भी कार्रवाई की गई, वहीं तुलसीनगर वार्ड सदर क्षेत्र में भी अवैध उपयोग के मामलों पर सख्ती दिखाई गई।

बुधवार को भी सभी टीमों ने सघन जांच अभियान चलाते हुए कई स्थानों पर बिजली चोरी के नए मामले पकड़े। विभाग का कहना है कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। रात्रिकालीन जांच को विशेष रूप से इसलिए बढ़ाया गया है, क्योंकि कई उपभोक्ता रात के समय चोरी करने का प्रयास करते हैं। ऐसे में विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि अब किसी भी समय आकस्मिक निरीक्षण किया जा सकता है।

विद्युत विभाग ने यह भी जानकारी दी है कि यह विशेष अभियान अप्रैल और मई माह तक लगातार जारी रहेगा। इस दौरान शहर के सभी प्रमुख क्षेत्रों में नियमित और आकस्मिक जांच की जाएगी। विभाग का लक्ष्य है कि बिजली चोरी के मामलों को न्यूनतम स्तर तक लाया जाए और विद्युत व्यवस्था को पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाया जाए।

इसके साथ ही उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे केवल वैध कनेक्शन के माध्यम से ही बिजली का उपयोग करें। अवैध तरीके से बिजली उपयोग करना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे विद्युत व्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। बिजली चोरी के कारण लाइन लॉस बढ़ता है, जिससे ईमानदार उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार पड़ता है।

कुल मिलाकर, सागर में चलाया जा रहा यह सघन चेकिंग अभियान बिजली चोरी के खिलाफ एक सशक्त कदम साबित हो रहा है। विभाग की सक्रियता और सख्ती से यह संदेश स्पष्ट है कि अब किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि यह अभियान इसी तरह प्रभावी ढंग से जारी रहा, तो आने वाले समय में शहर की विद्युत व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बन सकेगी।

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