मध्यप्रदेश के सागर में 25 अप्रैल 2026 को छठवें राज्य वित्त आयोग की महत्वपूर्ण संभागीय बैठक आयोजित की जा रही है। यह बैठक स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति, आय-व्यय और भविष्य की योजनाओं पर व्यापक चर्चा के लिए आयोजित की गई है। बैठक की अध्यक्षता छठवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयमान सिंह पवैया करेंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक होगी। इस सत्र में जिले के मंत्रीगण, सांसद, विधायक, महापौर, नगर निगम सागर के प्रतिनिधि और जिला पंचायत अध्यक्ष शामिल होंगे। इस दौरान नगरीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं की वित्तीय स्थिति पर सुझावात्मक चर्चा की जाएगी, जिससे जमीनी स्तर की समस्याओं और संभावनाओं को समझा जा सके।

इसके बाद दोपहर 2:30 बजे से शाम 4 बजे तक संभागीय कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित होगी। इसमें संभागीय आयुक्त, सभी जिलों के कलेक्टर, नगर निगम सागर के आयुक्त और विभिन्न जिला मुख्यालयों के मुख्य नगरपालिका अधिकारी भाग लेंगे। इस सत्र में योजनाओं के क्रियान्वयन, वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक चुनौतियों पर विस्तार से विचार किया जाएगा।
शाम 4 बजे से 5:30 बजे तक तीसरा सत्र आयोजित होगा, जिसमें संभागीय आयुक्त, कलेक्टर और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शामिल होंगे। इस चरण में पंचायत स्तर पर वित्तीय संसाधनों के उपयोग, विकास योजनाओं की प्रगति और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा की जाएगी।
बैठक का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2025-26 और 2026-27 के लिए स्थानीय निकायों के आय-व्यय के वास्तविक और प्रस्तावित आंकड़ों की समीक्षा करना है। इसमें यह भी देखा जाएगा कि कुल व्यय में स्थापना खर्च और पूंजीगत व्यय का अनुपात क्या है, और क्या संसाधनों का उपयोग विकासोन्मुखी कार्यों में प्रभावी ढंग से हो रहा है।
इसके साथ ही स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति और सीवेज सिस्टम जैसे मूलभूत दायित्वों की स्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इन सेवाओं की गुणवत्ता सीधे नागरिकों के जीवन स्तर को प्रभावित करती है, इसलिए इनके सुधार पर चर्चा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बैठक में 15वां वित्त आयोग की अनुशंसाओं के तहत प्राप्त राशि के उपयोग की समीक्षा भी की जाएगी। यह देखा जाएगा कि आवंटित धनराशि का कितना हिस्सा प्रभावी रूप से खर्च हुआ है और किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है।
राजस्व संग्रहण बढ़ाने के उपाय भी इस बैठक का अहम हिस्सा होंगे। स्थानीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कर संग्रहण, संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और नई आय के स्रोतों पर विचार किया जाएगा। इससे निकायों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और वे विकास कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से पूरा कर सकेंगे।
कुल मिलाकर, यह बैठक स्थानीय शासन व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का मार्ग भी प्रशस्त होगा।