सागर — जिले में गर्मी ने अपने तेवर पूरी तरह दिखाने शुरू कर दिए हैं। शनिवार इस सीजन का अब तक का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया, जब अधिकतम तापमान 43.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं न्यूनतम तापमान भी 25.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
दोपहर में सड़कों पर पसरा सन्नाटा
झुलसाने वाली धूप के चलते दोपहर के समय शहर की सड़कों पर सन्नाटा छा गया। लोग जरूरी काम के अलावा घरों से बाहर निकलने से बचते नजर आए। बाजारों में भी अपेक्षाकृत कम भीड़ देखी गई, जबकि शीतल पेय पदार्थों, ठंडे पानी और जूस की दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।

तापमान में लगातार वृद्धि
पिछले 24 घंटों में तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बढ़ोतरी आने वाले कुछ दिनों तक जारी रह सकती है। लगातार साफ आसमान और तेज धूप के कारण धरती का तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जिससे लू का प्रभाव भी बढ़ता जा रहा है।
मौसम में बदलाव के संकेत
हालांकि राहत की खबर यह है कि 27 और 28 अप्रैल को मौसम में बदलाव के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, महाराष्ट्र क्षेत्र में सक्रिय मौसम प्रणाली के प्रभाव और आगामी पश्चिमी विक्षोभ के चलते सागर संभाग में बादल छाने, गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। इससे तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।
लू को लेकर प्रशासन अलर्ट
लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने लू (हीटवेव) से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है। विशेष रूप से मजदूरों, बुजुर्गों, बच्चों और खिलाड़ियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि ये वर्ग लू के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
लू के प्रमुख लक्षण
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लू लगने पर शरीर में कई गंभीर लक्षण दिखाई देते हैं, जैसे—
- अत्यधिक थकान और चक्कर आना
- सिरदर्द और मतली
- उल्टी होना
- त्वचा का गर्म, लाल और शुष्क हो जाना
- पसीना न आना
- बेहोशी
इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करना आवश्यक है।

बचाव के लिए जरूरी उपाय
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को निम्नलिखित सावधानियां अपनाने की सलाह दी है—
- दिन में 12 बजे से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें
- खाली पेट न रहें और हल्का भोजन करें
- धूप में निकलते समय सिर को ढकें और छतरी या गमछे का उपयोग करें
- हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें
- चाय, कॉफी और शराब का अधिक सेवन न करें
- ओआरएस, नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी और फलों के रस का सेवन करें
बच्चों और बुजुर्गों का रखें विशेष ध्यान
विशेषज्ञों ने बच्चों और बुजुर्गों के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। बच्चों को कभी भी बंद वाहन में अकेला न छोड़ें, क्योंकि इससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। वहीं बुजुर्गों को धूप में कम से कम बाहर निकलने की सलाह दी गई हैसागर में बढ़ती गर्मी और लू का प्रकोप लोगों के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। हालांकि आगामी दिनों में संभावित बारिश से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन तब तक सतर्कता और सावधानी ही बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन कर नागरिक खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं।