एमपीपीएससी प्रीलिम्स में डेटाबेस के सवालों ने उलझाए छात्र, दमोह में कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा सम्पन्न !

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दमोह — मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा आयोजित राज्य सेवा एवं राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा रविवार को दमोह शहर में शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुई। हालांकि परीक्षा के बाद बाहर निकले कई परीक्षार्थियों ने पेपर में पूछे गए डेटाबेस से जुड़े प्रश्नों को चुनौतीपूर्ण बताते हुए कहा कि इन सवालों ने उन्हें काफी उलझाया।

शहर के चार प्रमुख परीक्षा केंद्रों — शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और ईएफए जेबीपी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय — पर यह परीक्षा आयोजित की गई। कुल 1760 अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होना था, लेकिन दोनों पालियों में कुछ परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।

परीक्षा दो सत्रों में आयोजित की गई। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक चली। सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। गर्मी के बीच कई छात्रों को इंतजार करना पड़ा, जिससे वे परेशानी का सामना करते नजर आए।

प्रशासन द्वारा परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए कड़े इंतजाम किए गए थे। सभी केंद्रों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई थी। प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की सघन जांच की गई, जिसमें मेटल डिटेक्टर, दस्तावेजों की जांच और अन्य प्रक्रियाएं शामिल थीं।

दूसरी पाली के दौरान श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने स्वयं परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों के अनुसार परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुई, कहीं से भी किसी प्रकार की गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली।

परीक्षा देकर बाहर निकले छात्रों ने पेपर के स्तर को लेकर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। अधिकांश छात्रों का कहना था कि पेपर का स्तर मध्यम था, लेकिन डेटाबेस से जुड़े प्रश्न अपेक्षाकृत कठिन थे। इन सवालों ने कई अभ्यर्थियों को उलझन में डाल दिया।

परीक्षार्थी अग्नि देवी अहिरवार ने बताया कि कुल मिलाकर पेपर अच्छा रहा। उन्होंने कहा कि सामान्य अध्ययन और आर्थिक सर्वेक्षण से जुड़े प्रश्न अपेक्षाकृत आसान थे, लेकिन डेटाबेस और जनजाति से संबंधित प्रश्नों ने उन्हें काफी परेशान किया। इसके बावजूद उन्होंने अच्छे अंकों से उत्तीर्ण होने की उम्मीद जताई।

एक अन्य अभ्यर्थी सिद्धार्थ सोनी ने भी यही अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि पेपर में डेटाबेस के प्रश्नों की संख्या अधिक थी, जिससे कई छात्र असमंजस में पड़ गए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जिन अभ्यर्थियों ने गहन तैयारी की है, वे निश्चित रूप से सफलता प्राप्त करेंगे।

परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाएं सामान्य रूप से संतोषजनक रहीं, लेकिन गर्मी और लंबी कतारों के कारण कुछ अभ्यर्थियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। कई छात्रों ने सुझाव दिया कि भविष्य में प्रवेश प्रक्रिया को और अधिक व्यवस्थित किया जाए, ताकि उन्हें धूप में लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।

एमपीपीएससी की यह प्रारंभिक परीक्षा राज्य की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है, जिसमें हर वर्ष हजारों अभ्यर्थी शामिल होते हैं। इस परीक्षा के माध्यम से राज्य प्रशासनिक सेवा, पुलिस सेवा और अन्य महत्वपूर्ण पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन किया जाता है।

दमोह में परीक्षा का शांतिपूर्ण आयोजन प्रशासन की सतर्कता और बेहतर प्रबंधन का परिणाम रहा। अब सभी अभ्यर्थियों को परिणाम का इंतजार है, जो उनके भविष्य की दिशा तय करेगा।

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