बीना/खुरई — रविवार शाम बीना और खुरई क्षेत्र में अचानक मौसम ने करवट ली और करीब एक घंटे तक हुई तेज बारिश ने दिनभर की भीषण गर्मी से राहत तो दी, लेकिन साथ ही कई लोगों के लिए परेशानी भी खड़ी कर दी। तेज हवा और बारिश के कारण जहां शादी समारोहों में अव्यवस्था फैल गई, वहीं किसानों का अनाज भीगने से नुकसान की आशंका बढ़ गई है।

दिनभर तेज धूप और उमस से लोग बेहाल रहे। सुबह से ही सूरज के तीखे तेवर देखने को मिले और दोपहर तक तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। गर्म हवाओं के चलते जनजीवन प्रभावित रहा। हालांकि शाम होते-होते मौसम अचानक बदला और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। करीब एक घंटे तक हुई इस बारिश ने तापमान में गिरावट ला दी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली।
बारिश का सबसे ज्यादा असर शादी समारोहों पर देखने को मिला। रविवार को कई स्थानों पर विवाह के शुभ मुहूर्त थे और बड़ी संख्या में आयोजन खुले मैदानों में किए जा रहे थे। लेकिन तेज हवा और बारिश के चलते कई जगहों पर टेंट उखड़ गए और सजावट बिखर गई। भोजन व्यवस्था भी बाधित हो गई, जिससे मेहमानों और आयोजकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर विवाह की रस्में भी कुछ समय के लिए रोकनी पड़ीं।

इसी के साथ बारिश ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी। समर्थन मूल्य पर चल रही गेहूं खरीदी के दौरान कई केंद्रों पर अनाज खुले में रखा हुआ था, जो अचानक आई बारिश में भीग गया। किसानों का कहना है कि यदि अनाज समय पर सुरक्षित नहीं किया गया, तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
स्थानीय किसान सीताराम सिंह ठाकुर ने बताया कि इस समय खरीदी का कार्य चल रहा है और कई स्थानों पर अनाज खुले में रखा हुआ है। बारिश के कारण अनाज भीग गया है, जिससे उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और नुकसान की आशंका है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि खरीदी केंद्रों पर अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए उचित इंतजाम किए जाएं।
मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को अधिकतम तापमान करीब 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहा। दिनभर गर्मी और उमस के कारण लोग पसीने से तर-बतर रहे। शाम की बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई और वातावरण में ठंडक महसूस हुई।

इस दौरान हवा की गति 7 से 11 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई, लेकिन बारिश के समय तेज झोंकों ने टेंट और अस्थायी संरचनाओं को नुकसान पहुंचाया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी के बीच अचानक आई इस बारिश ने जहां राहत दी, वहीं कई लोगों के लिए परेशानी भी लेकर आई। खासकर शादी आयोजकों और किसानों को इससे काफी नुकसान झेलना पड़ा है।
प्रशासन के सामने अब चुनौती यह है कि खरीदी केंद्रों पर रखे अनाज को सुरक्षित किया जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं। साथ ही मौसम में हो रहे अचानक बदलाव को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की भी जरूरत है।