दमोह/पथरिया — मध्यप्रदेश सरकार द्वारा किसानों को सशक्त बनाने और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने के उद्देश्य से ‘हर खेत तक पानी’ अभियान को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी कड़ी में राज्यमंत्री लखन पटेल ने दमोह-पथरिया क्षेत्र की सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माणाधीन कार्य तय समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं।
समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के हर खेत तक पानी पहुंचाना है, ताकि किसान समृद्ध हो सकें और कृषि उत्पादन में निरंतर वृद्धि हो। उन्होंने कार्यों में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को चेताया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री लखन पटेल ने जोर देकर कहा कि निर्माण कार्यों की गति बढ़ाई जाए, लेकिन गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि बेहतर गुणवत्ता के साथ तैयार की गई परियोजनाएं ही लंबे समय तक किसानों को लाभ पहुंचा सकती हैं।

बैठक में अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि फील्ड स्तर पर आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी आपसी तालमेल के साथ काम करेंगे, तो परियोजनाएं समय पर पूरी होंगी और किसानों को शीघ्र लाभ मिल सकेगा।
राज्यमंत्री ने यह भी कहा कि छोटे स्तर से शुरू किए गए विकास कार्य समय के साथ बड़े और आकर्षक स्वरूप ले सकते हैं। उन्होंने स्थानीय स्तर पर शुरू की गई योजनाओं को निरंतर आगे बढ़ाने पर बल दिया और कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास संभव होगा।
इस दौरान दमोह-पथरिया क्षेत्र को कई विकास कार्यों की सौगात भी दी गई। बोबई क्षेत्र में लगभग 65 लाख रुपये की लागत से बने उप-स्वास्थ्य केंद्र सहित अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया, जिससे क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का बेहतर लाभ मिलेगा।
राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए व्यापक योजनाएं तैयार की गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार ने सिंचाई का रकबा बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह लक्ष्य प्रदेश में कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विशेष रूप से सागर, दमोह, विदिशा और छतरपुर जिलों में नई सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से 3 लाख 10 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि में सिंचाई सुविधा का विस्तार किया जाएगा। इससे हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

वर्ष 2026-27 के बजट में भी जल प्रदाय और सिंचाई योजनाओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। सरकार का मानना है कि यदि किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाए, तो कृषि को अधिक लाभप्रद बनाया जा सकता है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
समीक्षा बैठक के दौरान स्थानीय प्रशासन को यह भी निर्देश दिए गए कि वे परियोजनाओं का नियमित स्थलीय निरीक्षण करें और आवश्यक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखें। मंत्री ने कहा कि जमीनी स्तर पर निगरानी मजबूत होने से कार्यों की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार आएगा।
इस पहल को कृषि विकास और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सिंचाई परियोजनाएं समय पर और प्रभावी ढंग से पूरी होती हैं, तो इससे क्षेत्र के किसानों को स्थायी लाभ मिलेगा और वे प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव से भी काफी हद तक सुरक्षित रहेंगे।
कुल मिलाकर, दमोह-पथरिया क्षेत्र में सिंचाई योजनाओं की समीक्षा और दिए गए निर्देश यह दर्शाते हैं कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए गंभीर है। ‘हर खेत तक पानी’ का लक्ष्य केवल एक नारा नहीं, बल्कि किसानों की समृद्धि का आधार बनता जा रहा है। आने वाले समय में इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से क्षेत्र में कृषि उत्पादन और किसानों की आय में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।
‘हर खेत तक पानी’ पहुँचाने और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है।